
बादलाें ने छिपा कराया इंतजार, लखनऊ में देख गया रमजान मुबारक का चांद, मेरठ में शहर काज़ी की अध्यक्षता में हुई चांद कमेटी की बैठक
नई दिल्ली/लखनऊ/मेरठ। आखिरकार रमजान मुबारक का चांद नजर आ ही गया। बादलों की वजह से चांद के दीदार में काफी दिक्कतें हुई और इंतजार भी हुआ। हालांकि लखनऊ में चांद नजर आने की खबर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। चांद नजर आने के साथ ही पूरे देश में रमजान का मुकदस महीना शुरू हो गया।
मेरठ शहर काज़ी डॉ $काज़ी जैनुस सालिकीन ने किया चांद का एलान

बुधवार शाम मगरिब की नमाज़ के बाद शहर काज़ी डॉ $काज़ी जैनुस सालिकीन ने रमज़ान के चांद होने का ऐलान कर दिया। इसके बाद तरावीह और शबीना का दौर शुरू हो गया। गुरुवार (आज) रमज़ान का पहला रोज़ा है। बुधवार शाम मगरिब की नमाज़ के बाद गुजरी बाजार स्थित ऊंची मस्जिद में शहर $काज़ी जैनुस सालिकीन की अध्यक्षता में रुयत ए हिलाल (चांद कमेटी) की बैठक का आयोजन किया गया। मेरठ में आसमान में सुबह से ही बादलों ने डेरा जमा रखा था, इसके चलते रमज़ान के चांद का दीदार न हो सका।
किया संपर्क
इसके बाद शहर काज़ी ने दिल्ली, लखनऊ, पटना और देवबंद सहित जमीयत उलेमा ए हिंद के कार्यालय में संपर्क किया। हालांकि उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में बुधवार को आसमान साफ नहीं था, जिस वजह से चांद दिखाई नहीं दिया। लखनऊ में भी बारिश रही। शहर काजी जैनुस सालिकीन ने बड़े उलेमा और विभिन्न शहरों की चांद कमेटियों के पदाधिकारियों से फोन पर वार्ता की। इसके बाद ही चांद के दीदार का ऐलान किया गया। चांद कमेटी की बैठक में नायब शहर काजी जैनुल राशेदीन, हाजी शीराज रहमान, कारी सलमान कासमी, हाजी इमरान सिद्दीकी, मुफ्ती रिज़वान, मौलाना शाहनवाज, मुफ्ती आदिल और इमरान कुरैशी सहित कई लोग मौजूद थे।
तरावीह और शबीना का दौर शुरू
रमज़ान के चांद का ऐलान होते ही देर शाम शहर भर की विभिन्न मस्जिदों में तरावीह और शबीना का दौर शुरू हो गया जो देर रात तक जारी रहा। दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह में पांच रोजा शबीना शुरू हुआ। यहां कारी अ$फान कासमी ने पांच दिन का शबीना शुरू कराया। उधर शाही जामा मस्जिद में पिछले 45 वर्षों से कुरान ए पाक सुना रहे कारी शफीक उर रहमान कासमी ने छह रोज़ा शबीना शुरू किया। इसके अलावा अन्य मस्जिदों में भी शबीना और तरावीह शुरू हो गईं।
सेहरी खाई और रखा रोज़ा
रमज़ान का चांद दिखाई देने के बाद मुसलमानों ने सेहरी खाई और पहले रोज़े की नियत कर रोज़ा रखा। कल दूसरे रोज़े को ही रमज़ान का पहला जुमा है। इसको लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। रमज़ान शुरू होते ही फलों के दामों ने आसमान छू लिया।