मेरठ। शहर में यातायात की समस्या को लेकर जब फजीहत होने लगी और हाईकोर्ट की गाज का डर सताने लगा तो आनन-फानन में दो चौराहे पहले बेगमपुल और फिर हापुड़ स्टैंड चौराहे को ई-रिक्शा फ्री जोन बना दिया गया। वहां से ई-रिक्शा के गुजरने पर रोक लगा दी गयी। हालांकि यह बात अलग है कि बेगमपुल चौराहे से अब भी नजर बचते ही ई-रिक्शाएं गुजरती हैं। ऐसा ही कुछ इंतजाम ट्रैफिक पुलिस की ओर से हापुड़ स्टैंड चौराहे पर भी किया गया गया है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस के इस इंतजाम ने हापुड़ स्टैंड चौराहा और बेगमपुल चौराहा आसपास के लोगों के लिए जो मुसीबत खड़ी कर दी है उसके बाद तो लोग कहने लगे हैं कि इससे तो पहले कि व्यवस्था ही ठीक थी, कम से कम जो मुसीबत अब झेल रहे हैं। ऐसी मुसीबत तो नहीं झेलनी पड़ रही थी। लोग चाहते हैं कि ई-रिक्शा फ्री जोन बनाने के बाद जो कुछ किया जाना चाहिए और जो मुसीबत पैदा हो गयी है, उससे भी एसपी ट्रैफिक मुक्ति दिलाए वर्ना जो व्यवस्था पहले थी, उसे ही लागू कर दिया जाए। अनुमान है कि शहर में करीब सत्तर से पिछत्तर हजार ई-रिक्शा हैं, इनमें से आरटीओ के यहां महज पच्चीस से तीस हजार तक रजिस्टर्ड हैं। जब इतनी ई-रिक्शा अवैध हैं तो मुसीबत तो होनी है। यह भी जानकारी है कि अब मेरठ में ही करीब पांच फैक्ट्री ई-रिक्शा बना रही हैं।
हापुड़ रोड व गढ़ रोड से निकलना जंग जीतने से कम नहीं
ट्रैफिक जाम से मुक्ति के नाम पर ई-रिक्शा फ्री जोन बनाए जाने के बाद जो अराजकता का माहौल हापुड़ रोड, गढ रोड, भगत सिंह मार्केट और गोला कुंआ की ओर जाने वाले रास्ते पर बना गया है वहां से निकला जंग जीतने से कम नहीं। नयी व्यवस्था से सबसे बुरा हाल हापुड़ रोड का है। वहां ट्रैफिक पुलिस की कारगुजारी के बाद ई-रिक्शाओं ने जो हालत बना दी है, उसके चलने कार की बात तो छोड़िये बाइक व स्कूटी से निकला भी दुश्वार है। सबसे बुरा हाल सुबह के वक्त होता है। सड़क पर ई-रिक्शाओं का कब्जा होता है। ऐसे में आसान नहीं कि वहां से निकल जाए। चौराहा ई-रिक्शा मुक्त जोन बनाए जाने के बाद कमोवेश यही दशा गढ़ रोड़ भगत सिंह मार्केट व गोला कुंआ की ओर जाने वाले रास्ते की बना दी गयी है। भगत सिंह मार्केट की दशा में भी बेहद खराब है। भगत सिंह मार्केट के तो दुकानदारों का कहना है कि उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है।
पीएल शर्मा रोड, बेगमबाग, सोतीगंज व गंज बाजार में भी मुसीबत
बेगमपुल चौराहा ई-रिक्शा मुक्त किए जाने से ई-रिक्शाओं की मुसीबत पीएल शर्मा रोड, बेगमबाग, सोतीगंज और सदर गंज बाजार में भी कम नहीं। बेगमबाग जैसे आबादी वाले इलाके में ई-रिक्शा स्पीड में दौड़ते हैं। कई बार वहां हादसे भी हो चुके हैं। कारोबारी अंकुर बंसल का कहना है कि विरोध करने पर सिर फोड़ने की धमकी दी जाती है। बेगमपुल व्यापार संघ के अध्यक्ष पुनीत शर्मा ने बताया कि भले ही चौराहे को ई-रिक्शा मुक्त कर दिया हो, लेकिन उसके बार भी बैक गेयर में दौड़ाकर चौराहे तक ई-रिक्शा पहुंच जाती है। पीएल शर्मा रोड पंच मुखी मंदिर के पुजारी व कारोबारी प्रशांत अंकुर बंसल ने बताया कि जब से यह मुसीबत खड़ी हुई है तब से ग्राहकों की आमद घट गयी है। यही शिकायत सदर गंज बाजार के कारोबारी अंकित बंसल मनु की भी है। उन्होंने बताया कि एसपी ट्रैफिक को बुलाकर भी यहां के हालात दिखाए लेकिन कोई असर नहीं
ये किए थे
यातायात जाम की समस्या से मुक्ति के नाम पर बडे़-बड़े दावे ट्रैफिक पुलिस की ओर से किए गए थे। इनमें शहर में ई-रिक्शाओ के लिए जाेन बना देने। केवल जोन के अनुसार ही ई-रिक्शाएं चलने। एक जोन की ई-रिक्शा दूसरे जाेन में ना चलने देने। स्टीकर चस्पा किए जाने सरीखे दावे किए गए थे, लेकिन किया केवल इतना गया है, कि सोतीगंज सरीखे चौराहे पर स्टाफ खड़ा किया गया है, यह बात अलग है कि उसके बाद भी चौराहे पर भयंकर जाम लगा रहता है। ऐसा ही जाम हापुड़ स्टैंड चौराहे पर होता है। इसको लेकर लोगों की शिकायतों पर अधिकारी चुप्पी साधे लेते हैं। उनका कहना है कि यदि अफसर नहीं हालात संभाल सकते तो पहले जैसी व्यवस्था कर दी जाए।
