भारत के साथ गद्दारी के तमाम मामलों में हिन्दू आगे, देश के नब्बे फीसदी मामलों में हिन्दू शामिल, एनएसए का चुके हैं खुलासा
नई दिल्ली। करे कोई भल लेकिन बदनाम केवल और केवल अब्दुल ही होगा।मुसलमान तो बदनाम भर हैं, लेकिन हिन्दू भी इस मामले में कुछ कम नहीं। आमतौर पर यह धारणा बना ली गयी है कि पाकिस्तान के लिए मुसलमान भारत से गद्दारी करते हैं, लेकिन ताजा आंकड़ और अरेस्टिंग बता रही हैं कि मुसलमान नहीं भारत से गद्दारी करने के मामले में हिन्दू काफी आगे हैं। मुसलमान तो बस अब बदनाम भर है, यह भी सच है कि जो गिरफ्तार हो रहे हैं वो यदि हिन्दू हैं तो उनके घर पर बुलडोजर नहीं चलता और यदि मुसलमान है तो पल भर में घर बुलडोर से गिरा दिया जाता है। देरी नहीं की जाती। भारत से गद्दारी देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मसला है इसलिए धर्म देखे बगैर सभी पर समान कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन राजनीति इसमें बड़ी बाधा है।
मार्च 2026 तक की स्थित
देश के साथ गद्दारी के मामलों की यदि बात की जाए तो इस साल मार्च माह तक जो स्थित है उसमें भारत में पाकिस्तान की ISI के लिए जासूसी के कई मामले सामने आए हैं। ये मुख्य रूप से हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों से हैं। कुल मिलाकर पिछले 1-2 साल में 15-20+ लोग गिरफ्तार हुए हैं (कुछ रिपोर्ट्स में 17 तक का आंकड़ा)। ताजा मामला यूपी एटीएस द्वारा दबोचे गए हिन्दुत्व की प्रयोगशाला माने जाने वाले यूपी के आगरा के रहने वाले आदर्श कुमार का है।
कौन है आदर्श कुमार समेत लंबी है लिस्ट
आदर्श कुमार उर्फ लकी यूपी के आगरा का रहने वाला भारतीय नौसेना (Navy) में लांस नायक। UP ATS ने मार्च 2026 में गिरफ्तार किया। आरोप: युद्धपोतों की तस्वीरें और संवेदनशील जानकारी ISI को भेजना। हाल ही में कोर्ट में पेश कर उसको ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गाय है। यह भी सवाल उठ रहा है कि उसका रिमांड क्यों नहीं लिया गया। केवल आदर्श ही नहीं इसके अलावा ज्योति मल्होत्रा के नाम की भी खासी चर्चा है। हरियाणा (हिसार) की ट्रैवल व्लॉगर/यूट्यूबर। ज्योति को 2025 में गिरफ्तार किया गया। वह कई बार पाकिस्तान कई बार गई। बताया जाता है कि वह ISI हैंडलर्स से संपर्क रही और बेहद संवेदनशील जानकारी शेयर की। कसूर बेहद संगीन है। हाईकोर्ट ने जमानत खारिज कर दी है और वह अभी जेल में है। हरियाणा के कैथल का छात्र देवेंद्र सिंह ढिल्लों बीते साल 2025 में गिरफ्तार किय गया। उस पर भी पाकिस्तान की यात्रा के दौरान ISI संपर्क में पहुंचकर देश के साथ गद्दारी करने का आरोप है। इनके अलावा दूतावास की कर्मचारी माधुरी गुप्ता सरीखे तमाम ऐसे नाम हैं जो साबित करते हैं कि अब्दुल तो बस बदनाम भर है। NSA अजित डोभाल ने 2014 में कहा था कि ISI द्वारा भर्ती किए गए जासूसों में हिंदू ज्यादा हैं। मुस्लिम तो महज दस फीसदी हैं।