पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संघचालक सूर्य प्रकाश टों व मेरठ प्रांत के संघ चालक प्रेमचंद की प्रेस वार्ता, संघ के तीन दिनी समालखा प्रतिनिधि सभा की दी जानकारी
मेरठ। हरियाणा के समालखा में १३ से १५ मार्च तक बुलायी गयी संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बारे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक सूर्य प्रकाश टोंक एवं मेरठ प्रान्त के संघचालक प्रेमचंद ने जानकारी दी। वह दोनों सूरजकुंड स्थित केशव भवन में प्रेस से मुखातिब थे। उन्होंने बताया कि बैठक में संगठन कार्य के विस्तार, राष्ट्रहित में समाज की सज्जन शक्ति की सक्रिय भागीदारी तथा सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। क्षेत्र संघचालक ने बताया कि प्रतिनिधि सभा की बैठक में संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का वक्तव्य भी प्रस्तुत किया गया।।
संत रविदास के जीवन से संकल्प पर बल
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जब विभिन्न विभाजनकारी शक्तियां समाज को वर्ग और जाति के आधार पर विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं, तब संत रविदास जी के जीवन संदेश के मर्म को समझते हुए समाज की एकात्मता के लिए कार्य करने का संकल्प लेना आवश्यक है। आगामी वर्ष में संत शिरोमणि रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष पर भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संघ एवं समाज से भी आग्रह किया कि ऐसे सभी कार्यक्रमों मे प्रतिभाग करें एवं स्वयं की प्रेरणा से भी कार्यक्रम आयोजित करें।
संघ समाज में गुणवत्ता संवर्धन के लिए भी कार्य कर रहा है
क्षेत्र संघचालक ने कहा कि संगठन विस्तार के साथ संघ समाज में गुणवत्ता संवर्धन के लिए भी कार्य कर रहा है। पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज को सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। भारतीयता अथवा हिंदुत्व केवल एक विचार नहीं बल्कि जीवन शैली है, जिसके माध्यम से समाज में श्रेष्ठ मूल्यों का विस्तार होना चाहिए। इसी उद्देश्य से समाज की सज्जन शक्ति को संगठित कर राष्ट्रहित में सक्रिय करना आवश्यक है।
मेरठ प्रान्त में लगभग 2450 स्थानों पर शाखायें
प्रान्त संघचालक प्रेमचंद ने बताया की मेरठ प्रान्त में भी संगठनात्मक कार्य का निरंतर विस्तार हो रहा है। वर्तमान मेरठ प्रान्त में लगभग 2450 स्थानों पर शाखायें संचालित हो रही हैं। मेरठ प्रान्त में कुल 4444 शाखाएं, 1705 मिलन तथा 1302 स्थानों पर मण्डली संचालित हो रहे हैं। प्रान्त संघचालक ने बताया कि यह वर्ष संघ शताब्दी वर्ष चल रहा है। विजयादशमी पर 28 सितम्बर से 5 अक्टूबर 2025 तक विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम किये गये। जिसमें गांवों में मण्डलों एवं शहरों में बस्तियों पर 1622 कार्यक्रम हुये। 1560 स्थानों पर संचलन भी निकाले गये। मेरठ प्रान्त में माह नवम्बर 2025 में गृह संपर्क अभियान के अंतर्गत 9857 ग्रामों एवं 1622 नगरीय बस्तियों में 36 लाख 42 हजार से अधिक परिवारों मे संपर्क स्थापित किया गया।
हिन्दू सम्मेलनों का किया आयोजन
समाज में संगठन एवं समरसता स्थापित करने के उद्देश्य से मेरठ प्रान्त में गत 11 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक विभिन्न स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। ग्रामीण क्षेत्रों मे 563 हिंदू सम्मेलन आयोजित हुए तथा नगरीय क्षेत्रों मे 780 हिंदू सम्मेलन आयोजित हुए जिनमें 8738 ग्राम एवं 1622 नगरीय बस्तियों की भागीदारी रही। इन सम्मेलनों में लगभग 8 लाख 50 हजार से अधिक पुरुष और 4 लाख 12 हजार से अधिक महिलाएं सम्मिलित हुईं। इस प्रकार कुल मिलाकर 12 लाख 64 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता रही।
अब लगभग 85 सम्भाग
प्रान्त प्रचार प्रमुख सुरेन्द्र सिंह ने प्रतिनिधि सभा में भौगोलिक क्षेत्र में घोषित परिवर्तन के प्रश्न पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रान्त के स्थान पर अब सम्भाग रचना होगी जिसके कारण देशभर में 46 प्रान्तों के स्थान पर अब लगभग 85 सम्भाग होंगे। क्षेत्र और सम्भाग के बीच राज्य (प्रदेश) ईकाई होगी। कुछ राज्यों को मिलाकर एक क्षेत्र होगा। अपने पश्चिमी एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र में अभी तक 7 प्रान्त थे। परिवर्तन के बाद 12 सम्भाग होंगे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड 2 राज्यों को मिलाकर एक क्षेत्र होगा। उत्तर प्रदेश में 10 सम्भाग एवं उत्तराखण्ड में दो सम्भाग होंगे। जिला एवं विभाग रचना में कोई परिवर्तन नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष के अंतर्गत हो रहे इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने, संवाद स्थापित करने और सामाजिक सहभागिता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है।