जंग में इजरायल को भी भारी नुकसान

kabir Sharma
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अमेरिका के मित्र देश हैं डरे हुए, बैठक कर ईरान को हमले रोकने को कहा, बोले हमें अपने सुरक्षा का हक, ईरानी हमले में यरूशलम में भारी नुकसान

नई दिल्ली/तेहरान/तेलअबीब। ईरान से अमेरिका और उसके मित्र इजरायल की लड़ाई अब भयानक दौर में पहुंच गयी है। इस लड़ाई में कोई भी एक दूसरे से मुरवत को मूड में नहीं। जितना भी ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंया जा सकता है, पहुंचा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि केवल ईरान का ही नुकसान हो रहा है, ईरान ने वो मार मारी है कि इजरायल ने कभी सोचा नहीं था। ईरानी हमले में इजरायल का यरूशलम शहर तबाह हो गया है। उसकी तबाही को देखने के लिए राष्ट्रपति इसहाक हार्जोग मौके पर पहुंचे। अमेरिका के अब तक चार फौजी मारे गए हैं। जबकि इजराय व अमेरिकी हमले में ईरान के निहत्थे नागरिक बड़ी संख्या में मारे जा रहे हैं। ईरान ने अमेरिका के कई फौजी बेस तबाह कर दिए हैं।

अमेरिकी मददगार ईरान के निशाने पर

जो भी देश ईरान की मदद कर रहा है वो ईरानी मिसाइलों के निशाने पर है। साइप्रस में ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) के अक्रोटिरी बेस पर ड्रोन हमला किया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रविवार देर रात हुए इस हमले में बेस को नुकसान पहुंचा। लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। ब्रिटिश PM कीर स्टारमर ने ईरानी मिसाइल साइट्स पर हमले के लिए अमेरिका को इस बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। इसके अलावा ईरान ने पाकिस्तान को भी जमकर धमकाया है। बाकि जिन देशों में फौजी अड्डों से अमेरिका ने हमले किए हैं, ईरान मिसाइलों ने वहां कहर बरपाया है।

मिडिल ईस्ट के चार देशों में छह अमेरिकी बेस उड़ाए

ईरान ने सोमवार को मिडिल-ईस्ट के 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमला कर उन्हें नेस्तनाबूत कर दिया। कुवैत में अमेरिका के कई फाइटर जेट क्रैश हो गए है। जेट हवा में गोल-गोल घूमने के थोड़ी देर बाद जमीन से टकरा गए। हालांकि, इसमें किसी मौत की नहीं हुई है।

अमेरिका से कोई बात नहीं

ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने सोमवार को कहा कि ईरान अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन खबरों के जवाब में आया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिका से फिर से बातचीत शुरू करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल को उसकी औकात बताना जरूरी है।

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जर्मन ब्रिटेन फ्रांस का बयान

जंग के बीच जर्मन, ब्रिटेन और फ्रांस का बयान है कि वो अपने सहयोगियों की मदद करेंगे। यानि अमेरिका की मदद करेंगे। इससे पहले ये देश संयम की बात कह रहे थे, लेकिन दूसरी ओर हिजबुल्ला के खुलकर जंग में उतरने के बाद अब मुश्किल इजरायल की है। हिजबुल्ला इजरायलियों को बंधक बनाने में माहिर है। उसके पास मजबूत मिसाइल सिस्टम भी है। केवल हिजब्बुला ही नहीं हूती विद्रोही भी इजरायल के लिए मुसीबत बनने जा रही हैं। इनकी नाराजगी सर्वोच्च धार्मिक नेता की मौत से है।

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