कंपनी की मार्केट कैप में करीब 45,000 करोड़ रुपये की कमी, साल के पहले ही दिन हुई बुरी गिरावट, निवेशक पीट रहे माथा
नई दिल्ली/मुंबई। साल की शुरूआत यानि पहले ही दिन बाजार में ITC के शेयरों को गिरावट का मुंह देखना पड़ा है। जिन निवेशकों ने ITC के शेयरों में निवेश किया वो माथा पीट रहे हैं। ITC का शेयर आज निचले स्तर पर जा पहुंचा है। बाजार के जानकारों के मुताबिक फरवरी साल 2023 में भी ITC के शेयरों में ऐसी ही बुरी गिरावट देखने को मिली थी। जहां तक गिरावट की बात है तो इस गिरावट की आशंका बाजार में पहले से जतायी जा रही थी, दरअसल जो तेजी देखी जा रही थी, उसके बाद इस गिरावट की आशंका विशेषज्ञों ने पहले ही जता दी थी, केवल यह नहीं बताया कि गिरावट ITC के शेयरों में देखने को मिलेगी।
एक्साइज ड्यूटी में बढ़ौत्तरी से फटका
ITC के शेयरों में इस बड़ी गिरावट की बड़ी वजह सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी का बढ़ाया जाना माना जा रहा है। जिसकी वजह से जो पिछले क्लोजिंग प्राइस 403 रुपये से करीब 7.86% नीचे है। हालांकि इसका पिछला क्लोजिंग प्राइस 403 रुपये था। वित्त मंत्रालय ने 31 दिसंबर को अधिसूचना जारी की, जिसमें सिगरेट, तंबाकू और बीड़ी पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है। ITC पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने से सिगरेट भी महंगी होनी तय है। माना जा रह है प्रति पैकेट दो से पांच रुपए तक बढ़ सकते हैं। ITC जो पब्लिक की जेब से निकालेगी, लेकिन ITC पर एक्साइज के बढ़ने से बाजार में इसके शेयरों का भाव गिरा दिया। यह ITC पर सरकार की यह मार पिछले दरवाजे से पड़ी है वो इसलिए क्योंकि ITC पर 28 फीसदी जीएसटी के अलावा यह बढ़ौत्तरी की गई है। नई ड्यूटी 2,050 से 8,500 रुपये प्रति 1,000 स्टिक्स तक होगी, जो सिगरेट की लंबाई पर निर्भर करेगी।
सिगरेट से 48 फीसदी मुनाफा
ITC कंपनी को सिगरेट बेचने से होने वाला मुनाफा कुल मुनाफे का 48 फीसदी है और मोदी सरकार की फाइनेंस मिनिस्ट्री ने ITC के इस मुनाफे पर ही चाबुक चलाया है। विशेषज्ञों का दावा है कि जो बढ़ौत्तरी मोदी सरकार ने की है उसका असर ITC के कारोबार पर भी पड़ना तय है। एक लंबे वक्त तक ITC को यह नुकसान उठाना होगा। गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया जैसे अन्य तंबाकू स्टॉक्स भी 8-10% तक गिरे।डिमांड कम समय के लिए घट सकती हैद्ध इसी वजह से निवेशकों में घबराहट देखी गई।
मिली जुली प्रतिक्रिया
एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के असर को लेकर विशेषज्ञों की मिली जुली प्रतिक्रिया है। विश्लेषक लंबे समय में रिकवरी की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि लीगल सिगरेट मार्केट का शेयर बढ़ सकता है। जैसे जेफरीज और नुवामा ने चेतावनी दी है कि लंबी सिगरेट्स (75mm से ज्यादा) पर टैक्स का असर ज्यादा होगा, जो आईटीसी के वॉल्यूम का 16% है। निवेशकों को सलाह है कि वे अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श लें। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।