खैर मनाए बीस जिलों के स्कूल

खैर मनाए बीस जिलों के स्कूल
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खैर मनाए बीस जिलों के स्कूल, कंचन वर्मा के रडार पर बीस जिले, सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को परखने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय की टीम 20 जनपदों का निरीक्षण करेगी। एक सप्ताह तक होने वाले निरीक्षण के लिए शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित कर दी है। 18 अप्रैल से 25 अप्रैल तक निरीक्षण किया जायेगा।इस संबंध में अधिकारियों के लिए पांच बिंदुओं की गाइडलाइन भी जारी की गई है। निरीक्षण के दौरान सभी टीमें पीएमश्री विद्यालय, कस्तूरबागांधी बालिका विद्यालय, परिषदीय प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालयों, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और राजकीय इण्टर कालेज का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को तत्काल निरीक्षण आख्या चेकलिस्ट में निर्धारित बिन्दुओं के आधार पर गूगल फार्म पर अपलोड करने के लिए कहा गया है। इसके बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट तीन दिन के अंदर लिखित रूप से देनी होगी। शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अधिकारियों की ओर से निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, वित्त एवं लेखाधिकारीऔर खंड शिक्षा अधिकारियों कार्यशैली को भी परखा जायेगा। इस दौरान स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्य, शिक्षकों का एरियर भुगतान, मृतक आश्रित नियुक्ति, शिक्षकों के निलम्बन बहाली एवं अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर भी बैठक की जायेगी। सूत्रों ने जानकारी दी है कि जिन जनपदों का निरीक्षण होना है उनमें  प्रयागराज, लखीमपुर, हापुड़, रायबरेली, एटा, भदोही, शामली, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, उन्नाव, कुशीनगर, फिरोजबाद, महाराजगंज, कानुपर नगर, अंबेडकर नगर, इटावा,सहारनपुर, देवारिया, अयोध्या, ललितपुर।

निजी स्कूल नये सत्र का डाटा नहीं कर रहे अपलोड

सरकारी स्कूलों की तर्ज पर यू डायस पोर्टल पर निजी विद्यालयों को भी बच्चों की नामांकन संख्या सहित पूरा ब्योरा अपलोड करना अनिवार्य है। लेकिन नये शैक्षिक सत्र में प्रवेश लेने वाले बच्चों का ब्योरा पोर्टल पर नहीं अपलोड किया जा रहा है। ऐसे में निजी स्कूल प्रबंधनों पर कार्रवाई हो सकती है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के इस पोर्टल पर पूरी जानकारी अपलोड करना अनिवार्य है। जो विद्यालय डाटा अपलोड नहीं करेंगे, उनके एडमिशन अमान्य किए जा सकते हैं। साथ ही उनके विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की भी कार्रवाई हो सकती है।

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