मृदुल व सुनील समेत छह को समन

ऋषभ: साजिश नहीं तो और क्या कहें
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मृदुल व सुनील समेत छह को समन, मेरठ कैंट स्थित ऋषभ एकाडेमी गवन प्रकरण में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या-06 ने जेल में बंद इस मामले में पुलिस के द्वारा मुख्य अभियुक्त बनाए गए तत्कालीन सचिव रंजीत जैन के प्रार्थना पत्र पर विचार के उपरांत विमलकांत कौशिक, मृदुल जैन, सुनील कुमार जैन व शरद जैन को धारा 406, 420, 467, 120बी भादस रेखा तोमर व निधि जैन को धारा 204 व 120बी भादसं तहत विचारण के लिए समन जारी किए हैं। आदेश में उक्त सभी को अपर मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 20 जुलाई 2022 को पेश होने को कहा गया है। आदेश से पूर्व यह भी टिप्पणी की गयी है कि आरोप पत्र में गवाह के रूप में फकीरचंद गुप्ता, विमल कांत कौशिक, रेखा तोमर व निधि जैन आदि ने विवेचक के समक्ष अपना अपराध स्वीकार किया है। विमलकांत ने माना कि वह दो प्रकार के बिल बनाता था। फकीरचंद गुप्ता ने स्वीकार किया कि उसके बनाए खाते उसके द्वारा हस्ताक्षरित बैलेंसशीट से मेल नहीं खाते। कोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया है कि  फकीरचंद ने माना है कि उसके द्वारा किए गए बैलेंसशीट के हस्ताक्षर इसलिए भी मेल नहीं खाते क्योंकि उसने यह उकसावे के कारण किए। कोर्ट का कहना है कि इससे यह साफ हो गया हैँ कि बैलेंस शीट कूटरचित तैयार की गई है। कोर्ट ने फकीरचंद को कूटरचना व धोखाधड़ी को दोषी माना है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि रेखा तोमर व निधि जैन ने दस्तावेजों को नष्ट किए जाने का अपराध स्वीकार किया है। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा है कि वादी मुकदमा ने भी चारों के विरूद्ध साक्ष्य दिया है। इस प्रकार न्यायालय के समक्ष उपरोक्त विपक्षीगणों को तलब किए जाने हेतु पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि वादी डा. संजय जैन की लिखित तहरीर पर मुकदमा अपराध संख्या 356/2020 धारा 406 व 420 भारतीय दंड़ संहिता का अभियोग अभियुक्तगण रंजीत कुमार जैन व यायना भारद्वाज के विरूद्ध 5 नवंबर 2020 को थाना सदर बाजार में पंजीकृत हुआ है। रंजीत जेल व याचना जमानत पर है।

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