

मुंबई/नई दिल्ली। मौसम विभाग की भारी बारिश की आशंका जताए जाने के बाद दक्षिण मुंबई में आसमानी कहर भारी बारिश के रूप में टूटा, इसका साइड इफैक्ट पूरी मुंबई को झेलना पड़ा। भारी बारिश वाले इलाकों में लोग घरों में कैद हो गए। जो जहां था मानों कैद होकर रह गया। भारतीय मौसम विभाग यानि IMD ने मौसम को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का रेड अलर्ट आमतौर पर बेहद खराब हालात के लिए जारी किया जाता है, लेकिन भारी बारिश ने रेड अलर्ट से परे जाकर कहर बरपाया है। तमाम घरों, दुकानों और रास्तों पर भारी बारिश कहर बनकर टूटी है। रास्ते बंद हो गए। नाले नालियों की सफाई ना होने के चलते मुंबई में पानी कई-कई फुट ऊपर तक चढ़ गया। कई अलाकों में तो पुलों के नीचे आधे तक पानी भर गया। यह बेहद डरावना मंजर था। लोगों ने बताया कि बारिश का ऐसा कहर पहली बार देखा है। सबसे बुरा हाल खुले आसमान के नीचे रहने वाले झोपड़ पट्टियों में वालों का हुआ। उनका इस बारिश में ना केवल आशियाना बह गया बल्कि जो भी कुछ आशियाने में था वो भी बारिश बहाकर ले गई। सुबह को जो लोग नौकरी के लिए घर से निकले शाम को जब आफिस से बाहर आए तो रास्ता इस काबिल नहीं था कि घर तक पहुंच सके। ऐसे लोगों ने रात आफिस में ही गुजरने का फैसला किया। इस बारिश ने सिस्टम की पोल खोलकर कर दी। लोग सरकार और अफसरों को कोस रहे थे कि बारिश से निपटने के लिए कुछ भी इंतजाम नहीं किया गया। लोगों ने बताया कि वो बीएमसी कंट्रोल रूम को काल करते रहे, लेकिन कोई रिप्लाई नहीं मिला। मंजर बेहद डरावना है।