सांसद अरुण गोविल का यूपी के नगर विकास मंत्री को पत्र, निगम क्यों नहीं कर रहा कार्यान्वित, अफसर रखे हैं जनता को लाभ से वंचित
नई दिल्ली।। मेरठ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल ने उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर मेरठ नगर निगम में संपत्ति नाम परिवर्तन (म्यूटेशन) शुल्क में कटौती संबंधी शासनादेश के शीघ्र अनुपालन की मांग की है। सांसद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मेरठ लोकसभा क्षेत्र की जनता की निरंतर शिकायतों एवं जन-प्रतिनिधियों के माध्यम से यह संज्ञान में आया है कि संपत्ति नाम परिवर्तन (म्यूटेशन) शुल्क में कटौती संबंधी प्रदेश सरकार के महत्वपूर्ण शासनादेश को मेरठ नगर निगम में अभी तक क्रियान्वित नहीं किया गया है।
एक साल पहले लिया जा चुका है फैसला
उन्होंने अवगत कराया कि शासन द्वारा लगभग एक वर्ष पूर्व लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य मेरठ की जनता, विशेषकर मध्यम वर्ग, वरिष्ठ नागरिकों तथा उत्तराधिकार संबंधी मामलों में प्रभावित विधवा महिलाओं को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत प्रदान करना था। किंतु एक वर्ष व्यतीत होने के पश्चात भी मेरठ की जनता को इस लाभ से वंचित रखा जाना अत्यंत खेदजनक है, जबकि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में प्रभावी है।
‘शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance)
सांसद श्री गोविल ने इस प्रकरण में ‘शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance)’ की नीति के तहत निम्न प्रमुख बिंदुओं पर कार्यवाही की मांग की है— शासनादेश का पालन – शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम दरों को मेरठ नगर निगम में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। प्रशासनिक जवाबदेही – पुरानी दरों पर वसूली को तत्काल रोका जाए तथा अब तक हुई देरी के लिए उत्तरदायी पटल एवं अधिकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध विधिवत/अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाए सार्वजनिक घोषणा एवं पारदर्शिता – संशोधित दरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि ‘ईज ऑफ डूइंग सिटिजन सर्विसेज’ का लाभ सीधे मेरठ की जनता को प्राप्त हो सके।
ताकि पब्लिक को मिल सके राहत
सांसद ने आशा व्यक्त की है कि शासन उनके पत्र पर सकारात्मक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे मेरठ की जनता को नियमानुसार राहत मिल सके।