भगवान पारसनाथ का निर्वाण दिवस

kabir Sharma
3 Min Read
WhatsApp Channel Join Now

मेरठ। आनंदपुरी स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में प्रातः काल भगवान पारसनाथ का निर्वाण दिवस हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम भगवान जी को पांडुक शिला पर विराजमान किया गया शांति धारा का सौभाग्य सुनील जैन प्रवक्ता तथा अतुल जैन को प्राप्त हुआ । अभिषेक के उपरांत देव शास्त्र गुरु की पूजा तथा भगवान पारसनाथ तथा भगवान महावीर की पूजा गई तथा 23 किलो का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया जिसका सौभाग्य प्रभात जैन एवं चैतन्य जैन को प्राप्त हुआ साथ साथ 51 किलोग्राम का सामूहिक लाडू भी चढ़ाया गया। भगवान श्री पारसनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर हुए हैं इनका जन्म बनारस में हुआ। कमठ ने भगवान श्री पारसनाथ की मुक्ति से पहले 10 जन्मो तक भगवान का विरोध किया उन पर अनेक उपसर्ग किए फिर भी पारसनाथ भगवान ने कभी भी उनके खिलाफ जरा सा भी ईर्ष्या भाव नहीं रखा अंत में श्री सम्मेद शिखरजी से मुक्ति को प्राप्त हुए ।सायं काल भगवान श्री पारसनाथ की सामूहिक आरती की गई। इन सभी कार्यक्रम में अरुण जैन, अनंत वीर जैन, मयंक जैन, सत्येंद्र जैन, राजीव जैन आदि का सहयोग रहा ।

इसके अलावा दिगंबर जैन मंदिर रेलवे रोड स्थित जैन धर्मशाला में भगवान पारसनाथ का निर्वाण महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया । तरस जैन एवं अर्पित जैन द्वारा पांडुक शिला भेट की गई तथा श्री पारसनाथ भगवान को पांडूक शिला पर विराजमान कर अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का सौभाग्य तरस जैन को प्राप्त हुआ तत्पश्चात देव शास्त्र गुरु, श्री पार्श्वनाथ भगवान की पूजा की गई उसके पश्चात निर्वाण कांड पढ़कर लाडू चढ़ाया गया। यह 23 किलोग्राम का लाडू मयंक जैन तथा श्रीमती अर्चना जैन की ओर से चढ़ाया गया। पूजा में संगीत विक्की जैन पार्टी द्वारा दिया गया। समस्त धार्मिक क्रियाएं मवाना से आए विद्वान पारस जैन द्वारा संपन्न कराई गई। समस्त भोजन व्यवस्था मयंक जैन परिवार की ओर से की गई। मयंक जैन तथा तरस जैन का सम्मान माला पहना कर तथा पटका डालकर शहर समाज द्वारा किया गया। जैन धर्म के अनुसार श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया जाता है। 48 दीपों से भक्तांबर आरती की गई। इन सभी क्रियाओ में सुरेश जैन ऋतुराज, हंस कुमार जैन, राजेंद्र जैन, संजय जैन धम्मो , विनोद जैन भट्टे वाले, सुनील प्रवक्ता एवं प्रबंध करणी समिति मेरठ जैन समाज का विशेष सहयोग रहा।

WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *