चैक बाउंस का है मामला, काफी समय से कानूनी उलझनों में हैं फंसे, अदालत ने राहत से किया इंकार, कुछ समय की मोहलत चाहते थे काॅमेडी किंग
नई दिल्ली/मुंबई। चैक बाउंस के मामले में कानूनी पेचीदगियों में फंसे बॉलीवुड के हास्य कलाकार राजपाल यादव तिहाड़ की सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। ये खबर फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस के लिए किसी सदमे से कम नहीं हे। उन पर चैक बाउंस का एक पुराना मामला चल रहा है। उन्होंने गुरूवार को तिहाड़ के अफसरों के सामने सरेंडर किया। तयशुदा प्रक्रिया के तहत एक कैदी सरीखा व्यवहार तिहाड़ जेल के अफसरों ने राजपाल यादव से किया।
हाईकोर्ट की याचिका खारिज
हाईकोर्ट ने उन्हें चैक बाउंस मामले में सजा का एलान किया है। हालांकि राजपाल यादव ने अपने वकील की मार्फत हाईकोर्ट से कुछ मोहलत मांगी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी फरियाद कंसीडर नहीं की गयी और राजपाल यादव को शीघ्र ही तिहाड़ में सरेंडर के आदेश दिए, जिसके बाद राजपाल यादव ने तिहाड़ पहुंचकर सरेंडर कर दिया। उनके सरेंडर से फिल्म इंडस्ट्री के लोग परेशान हैं। राजपाल यादव काफी समय से इस मामले को लेकर अदालतों के चक्कर काट रहे थे। उन्होंने जो चैक किसी शख्स को दिया था वो बाउंस हो गया, जिसके चलते कोर्ट ने उन्हें यह सजा सुनाई है। वह चाहते थे कि कोर्ट से उन्हें राहत मिल जाए, लेकिन ऐसा हो ना सका।
आर्थिक संकट से हैं गुजर रहे
बताया जाता है कि राजपाल यादव इन दिनों बुरे आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उनकी ओर से दलील दी गयी कि उन्होंने करीब 50 लाख रुपये की व्यवस्था कर ली है और भुगतान के लिए उन्हें कुछ और समय दिया जाए। उनके वकील ने ये भी कहा कि अभिनेता आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और भुगतान करने की मंशा रखते हैं। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और साफ कर दिया कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वो आम व्यक्ति हो या बड़ा फिल्मी सितारा। इसके बाद तिहाड़ की सलाखों के पीछे जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।