ईरान में लौटेंगे खुलेपन वाले दिन, देश छोड़कर भाग सकते हैं कुछ लोग, “मोहम्मद रजा पहलवी” ने पेश किया ईरान में लोकतंत्र का खाका
नई दिल्ली/तेहरान। ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस (Reza Pahlavi) ने मुल्क से मुल्ला शासन के खात्मे का ब्लू प्रिंट पेश किया है। उन्होंने दावा किया है कि ईरान में मुल्ला शासन के खात्मे की बात करते हुए ईरान में क्लेरिकल शासन (मुल्ला शासन) को गिराने और लोकतंत्र की ओर संक्रमण की विस्तृत योजना पेश की है। उन्होंने दावा किया कि वह आज भी मुल्क के विपक्षी नेता है और ईरानियों की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि ईरानी विपक्षी समूहों जैसे NCRI ने पहलवी की MSC में भागीदारी की आलोचना की, कहा कि वे ईरान में कम समर्थन रखते हैं और उनके पिता की सत्ता की यादें अभी भी जीवित हैं। कुछ ने उनकी योजना को अमेरिकी/इजरायली प्रभाव वाली बताया, जहां सेना को सीमित किया जाएगा और परमाणु कार्यक्रम नष्ट होगा। ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी (जिनकी मृत्यु 1980 में हुई) के बेटे हैं “मोहम्मद रजा पहलवी” ।
लोकतंत्र की होगी वापसी
“मोहम्मद रजा पहलवी” ने जो प्लान 14 फरवरी को म्यूनिख में दुनिया के सामने पेश किया है उसमें कहा है कि ईरान में फिर से लोकतंत्र स्थापित होगा। सब को आजादी से रहने की इजाजत होगी। इस्लामिक रिपब्लिक को समाप्त करने का समय आ गया है।” उन्होंने ईरान में क्लेरिकल शासन (मुल्ला शासन) को गिराने और लोकतंत्र की ओर संक्रमण की विस्तृत योजना पेश की।
भागने की तैयारी में मुल्ला सरकार के लोग
“मोहम्मद रजा पहलवी” ने दावा किया है कि ईरान से मुल्ला शासन के करीबी अब भागने की तैयारी में हैं, वो कभी भी ईरान छोड़ सकते हैं। जो प्लान पेश किया है उसके मुताबिक देश को स्थिर करना, अराजकता रोकना, और सार्वजनिक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना। यह इराक या अफगानिस्तान जैसी असफलताओं सबक लेना शामिल है। उन्होंने बताया कि एक अंतरिम सरकार का गठन जो अराजकता रोकेगी, फिर एक जनमत संग्रह, नया संविधान, स्वतंत्र चुनाव, और लोकतांत्रिक सत्ता हस्तांतरण। पहलवी ने कहा कि वे खुद पद नहीं चाहते, बल्कि संक्रमण का नेतृत्व करेंगे। जनवरी 2026 में शुरू हुई यह योजना शासन के पतन से पहले और बाद की रणनीति को कवर करती है, जिसमें आपातकालीन उपाय और 180 दिनों में सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
दुनिया के नेताओं से मुलाकात
“मोहम्मद रजा पहलवी” दुनिया भर के नेताओं से मिल रहे हैं। इसमें अमेरिका मदद कर रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात में, पहलवी ने ईरान और यूक्रेन के बीच साझा संघर्ष पर चर्चा की। दोनों ने रूस-ईरान सहयोग (जैसे शाहेद ड्रोन्स की आपूर्ति) की निंदा की और ईरान के लोगों के लिए समर्थन पर सहमति जताई। पहलवी ने जेलेंस्की का ईरान के लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। जर्मन राजनेता मैरी-एग्नेस स्ट्रैक-जिमरमैन के साथ चर्चा में, ईरान के भविष्य और लोकतांत्रिक परिवर्तन पर फोकस किया गया। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व की सुरक्षा में ईरान के लोगों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।