हिंद मजदूर सभा ने श्रम सुधारों पर की चर्चा, कई किसान मजदूर संगठन के नेता रहे मौजूद, कमर तोड़ महंगाई के साइड इफैक्ट पर भी चर्चा
मेरठ। दुल्हेडा मोदीपुरम मेरठ। राष्ट्रीय सीमांत किसान मजदूर यूनियन (हिंद मजदूर सभा) ने मानवतावादी, सामाजिक कार्यकर्ताओ, ट्रेड यूनियन नेताओंं के साथ श्रम सुधारों (4 लेबर कोड) मनरेगा, बीज बिल एवं विधुत बिल, एवं कमरतोड़ मेहंगाई से कमेरा वर्ग खेतीहरों, मजदूरों, की जीवन शैली पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार किया गया, सभी वक्ताओं ने कमरतोड़ मेहंगाई ग़रीब जनो की जीवन शैली दिनचर्या पर पड़ने वाले प्रभावों पर विचार व्यक्त करते हुए सांझा संघर्ष लामबंदी हेतु आह्वान किया।
इन्होंने किए विचार व्यक्त
इस अवसर पर ग्राम प्रधान दुल्हेडा बाल किशोर दुल्हेडा, ग्राम प्रधान के भराला राजेन्द्र प्रधान, नारदन रेलवे मैन्स यूनियन मेरठ के सुभाष चन्द्र शर्मा, गिरजा कांत, पूर्व पार्षद महेंद्र सिंह भारती पूर्व पार्षद, विनेश विधार्थी मंत्री हिंद मजदूर सभा मेरठ, राष्ट्रीय सीमांत किसान मजदूर यूनियन के विजय पाल लाटीयान, योगेन्द्र चौधरी, आबिद अली, मुकेश चौधरी, राहुल चौधरी, ठाकुर बाल किशोर, रंजीत सिंह नेगी, सीमांत दयाराम, कमलेश, आदि ने विचार व्यक्त किए।
आनंद पाल सिंह चौहान रहे मेजबान
राउंड टेबल मीटिंग एवं सहभोज का आयोजन, राष्ट्रीय सीमांत किसान मजदूर यूनियन के ठाकुर आनंद पाल सिंह चौहान दुल्हेडा ने किया। मीटिंग में बतौर मुख्य अतिथि रवि पाल सिरोही ने बताया कि चार नये श्रम कानून, उधोगपति वर्ग के हित में और श्रमिकों के अहित में हैं, रविपाल सिरोही ने, मनरेगा का नाम बदलकर वीजीराम जी करने को अनुचित क़रार दिया, उन्होंने मनरेगा आदि पर प्रकाश डालते हुए सभी जनवादी साथियों को लामबंद होकर, संघर्ष का आह्वान किया।
डा. वाजपेयी से नाराजगी
डा लक्ष्मीकांत वाजपेई भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं, डा लक्ष्मीकांत वाजपेई ने वर्ष 2918 में, सफाई कर्मियों की ठेकेदारी खत्म कराने का आश्वासन दिया था, आश्वासन के अनुसार जब जब वाल्मीकि समाज के लोग उनके निवास न्यू मोहनपुरी मेरठ गए तो उन्होंने सफाई कर्मियों का प्रतिनिधित्व करने वाले वाल्मीकि मंडल से शिष्ट व्यवहार नहीं किया।यह आराेप लगाया जा रहा है कि अस्पृश्यता उनके व्यवहार में स्पष्ट नजर आतीं हैं, इसलिए वैमनस्यता के कारण डा लक्ष्मीकांत वाजपेई, सफाई कर्मियों से वर्ष 2918 में किए गए वायदे को पूरा नहीं करतें हैं। हिंद मजदूर सभा के विनेश विद्यार्थी ने कहा कि
डा लक्ष्मीकांत वाजपेई यदि ठान लें कि वह 20 जून 2923 में भाजपा शासित नगर निगम बोर्ड और योगी सरकार के प्रतिनिधि मंत्री, भाजपा सांसद, भाजपा विधायकों द्वारा ठेकेदारी खत्म करने के हेतु लिए गए फैसले को लागू करवायेंगे तो वह ठेकेदारी निश्चित रूप से खत्म हो जायेंगी, चुंकि सफाई कर्मी वर्ग अस्पृश्य वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और डा लक्ष्मीकांत वाजपेई, अस्पृश्य वर्ग के हित से कोई सरोकार नहीं रखते हैं इसलिए वह सफाई कर्मियों पर ज़ुल्म होते हुए, तमाशबीन बनकर देख रहे हैं। विनेश विद्यार्थी का कहना है कि जबकि डा लक्ष्मीकांत वाजपेई को वाल्मीकियों ने अनेकों बार विधायक बनाया है।