फॉरेसिंक जांच के बाद शिकंजा तय

kabir Sharma
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सदर दुर्गाबाड़ी जैन मंदिर फर्जी कमेटी प्रकरण, क्राइम ब्रांच करा रही साइन का मिलान, फॉरेसिंक जांच के बाद शिकंजा तय

मेरठ। सदर दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन जैन मंदिर में साल 2014 से काविज कमेटी को लेकर ऋषभ के सचिव डा. संजय जैन की शिकायत पर थाना सदर बाजार पुलिस द्वारा अध्यक्ष रंजीत जैन, कोषाध्यक्ष मृदुल जैन समेत तमाम पदाधिकारियों के खिलाफ दायर किए गए मुकदमें की क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही जांच अब निर्णायक स्टेप पर आ पहुंची है। जो पदाधिकारी चुनाव का दावा कर रहे थे और जिनके साइन मौजूद हैं, उन सभी साइनों की जांच क्राइम ब्रांच फाॅरेसिंक टीम से करा रही है ताकि केस को लेकर जब अदालत में चार्जशीट दायर की जाए तो कोई भी यह ना कह सके कि हमारे साइन नहीं है। क्राइम ब्रांच ने इस केस में इतने ठोस साक्ष्य अब तक जुट लिए बताए गए हैं, कि नकली दस्तावेजों को आधार बनाकर अब तक चुनाव का दावा करने वाले सदर जैन मंदिर के इन स्वयं भू पदाधिकारियों के अदालत में बचाव के तमाम रास्तों पर बैरियर होगा।

जमानत के नाम पर कब तक बाहर

इस केस में जो लोग हाईकोर्ट से जमानत पर हैं, विधि विशेषज्ञों की राय में वो जमानत केवल चार्जशीट दायर होने तक ही प्रभावी मानी जाएगी। चार्जशीट दायर होने के बाद पुलिस कभी भी उठा सकती है। फॉरेसिक जांच के बाद संभावित ठोस सबूत जिनके लिए मुसीबत बन सकते हैं उनमें सदर थाना पुलिस ने डा. संजय जैन की तहरीर पर जांच के बाद जिनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखा है। उनमें रंजीत जैन अध्यक्ष, दिनेश जैन मंत्री, मृदुल जैन कोषाध्यक्ष, सुनील जैन उपाध्यक्ष, विजय सनमति, संजय सुखदा सुशील चावल आदि शामिल हैं। डा. संजय जैनने बताया कि इनमें मुख्य आरोपी रंजीत जैन, मृदुल जैन, दिनेश जैन व सुनील जैन आदि हैं। मुसीबत स्वयं भू चुनाव अधिकारी प्रेम मामा की भी तय मानी जा रही है। हालांकि जो क्राइम ब्रांच के सामने हाजरी लगा चुके हैं उनमें प्रेम मामा भी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर क्राइम ब्रांच के दस्तावेजों में अपराध के ठोस सबूत होने की बात कही जा रही है।

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