बाजार में नहीं मिल रहे इंडेक्शन, तमाम स्टोर पर ऑउट ऑफ स्टॉक, महंगे दामों पर भी नहीं उपलब्ध, LPG का विकल्प इंडक्शन
नई दिल्ली। LPG के देश व्यापी संकट के चलते इंडक्शन यानि बिजली के चूल्हे से आस थी अब वो भी आउट ऑफ स्टॉक है। इतना ही नहीं बिजली भी अब नखरे दिचखा रही है। कहने का मतलब यह है कि सारी आफत एक साथ आ रही हैं। आम आदमी को समझ नहीं आ रहा है कि करे तो क्या करे, क्योंकि सिस्टम चलाने वालों की मानें तो ऑल इज वैल।सरकार का दावा है कि देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य है। लेकिन वास्तविकता यह है कि कमर्शियल LPG सिलेंडर (होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, हॉस्टल आदि के लिए) की भारी किल्लत हो गई है, जिससे देशभर में सैकड़ों होटल और रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं या मेन्यू सीमित कर रहे हैं।
खबर सच्ची है
इंडक्शन चूल्हे (induction cooktops) की ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टॉक आउट होने की खबरें सच हैं। LPG संकट (विशेषकर कमर्शियल गैस की कमी) के कारण लोग घरेलू उपयोग के लिए बैकअप के रूप में इंडक्शन की ओर तेजी से मुड़ रहे हैं, जिससे डिमांड अचानक 10-30 गुना तक बढ़ गई है।Middle East (Iran-Israel-US) युद्ध से LPG आयात प्रभावित, सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी। लोग डर रहे हैं कि घरेलू सिलेंडर भी प्रभावित होंगे, इसलिए इंडक्शन को “survival necessity” मानकर खरीद रहे हैं। मुसीबत तो यह है कि इंडेक्शन चूल्हा भी नहीं मिल रहा हे। दरअसल मामला बिजली से जुड़ा है इसलिए लोग चाहते हैं कि कंपनी का यानि ब्रांडेड ही लें। अन्यथा कहीं ऐसा ना हो लेने के देने पड़ जाएं।
खरीदारों में मारामारी
इंडेक्शन चूल्हे खरीदने वालों में मारामारी मची है। लोगों ने बताया कि Amazon, Flipkart, Blinkit, Zepto, Swiggy Instamart पर ज्यादातर पॉपुलर मॉडल (Pigeon, Philips, Prestige, Kent आदि) out of stock या “sold out” दिख रहे हैं। कई शहरों (Delhi, Mumbai, Bengaluru, Chennai, Kolkata, Hyderabad) में 24-48 घंटों में स्टॉक खत्म हो गया। Flipkart: पिछले 4-5 दिनों में सेल्स 4 गुना (quadrupled) बढ़ीं, दिल्ली, कोलकाता, UP में सबसे ज्यादा।उम्मीद की जा रही है कि नया स्टॉक जल्द आएगा। इंडक्शन बनाने वाली कंपनियों (TTK Prestige, Stove Kraft, Butterfly आदि) के शेयर 10-15% तक चढ़े। लेकिन सप्लाई चेन में दबाव बढ़ रहा है, कुछ जगह डिलीवरी 15-25 दिन तक लेट है। दरअसल में निर्माता कंपनी डर भी रही हैं कि कहीं उनका स्टॉक रखा ही ना रह जाए।