क्राइम ब्रांच की इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर के सवालों से सदर जैन मंदिर के स्वयं-भू चुनाव अधिकारी व अध्यक्ष समेत अन्य सभी पर आफत तय
मेरठ। सदर दुर्गाबाड़ी स्थित श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर पर बगैर चुनाव के अवैध काविज होने व मंदिर में सदर जैन समाज के द्वारा दान में दी गई करोड़ों की नकदी और एक किलो से ज्यादा सोना व दूसरे बहुमूल्य जवाहरात आदि कथित रूप से डकारने वाले स्वयं-भू पदाधिकारियों की जान सांसत में आयी हुई है। दरअसल इस मामले में अब क्राइम ब्रांच ने उन सभी नामजद आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जिन्होंने मंदिर जैसी पवित्र जगह पर गवन और घपले घोटालों का कथित रूप से पाप किया है। समाज की नजरों में गंभीर अपराध किया है। जिस तेजी से यह जांच अब अपने अंजाम की ओर बढ़ रही है उससे तो यही लगता है कि जिनके खिलाफ मुकदमा लिखा गया है उनके अब गिने चुने दिन ही बाकि रह गए हैं। जानकारों की मानें तो यह भी संभव है कि दो लोगों की दीपावली इस साल चौधरी चरणसिंह जिला कारागार में मनें। यदि ऐसा हुआ तो यह बाकई बेहद गंभीर होगा। हालांकि जिनको लेकर ऐसी आशंकाएं जतायी जा रही हैं, क्राइम ब्रांच ने अभी उनसे पूछताछ नहीं की है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि अभी जिनसे पूछताछ की गयी है उनमें स्वयं भू अध्यक्ष रंजीत जैन, स्वयं भू चुनाव अधिकारी प्रेम मामा और दिनेश इंश्योरेंस। सुनने में आया है कि रंजीत जैन ने दिल की बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि उनके दिल में छल्ले पड़े हैं तो जवाब मिला की सारे छल्ले बाहर कर दिए जाएंगे। प्रेम मामा को वो लेटर लेकर आने को कहा गया है जिसके बाद उन्होंने खुद को स्वयं भू चुनाव अधिकारी घोषित कर दिया। पता चला है कि यदि प्रेम मामा चुनाव अधिकारी के तौर पर काम करने वाला पत्र लेकर नहीं पहुंचे तो उनके दिन भी फिर अच्छे नहीं रहेंगे ऐसी भी आशंका जतायी जा रही है। यहां यह भी बता दें कि चुनाव अधिकारी की नियुक्ति का एक सिस्टम होता है। जब पूरी कमेटी ही अवैध रूप से काविज है तो फिर चुनाव अधिकारी कैसे वैध माने जा सकते हैं। क्राइम ब्रांच की जांच अधिकारी इन्हीं तमाम तकनीकि पहलुओं पर अपनी जांच आगे बढ़ा रही हैं। सुनने में तो यहां तक आया है कि रंजीत जैन को तो दो टूक बोल दिया गया है कि जेल जाना तय है। यह मामला अब पूरी तरह से गंभीर हो गया है। हालांकि यह कहना अभी जल्लबाजी होगी कि सीखचों के पीछे पहले कौन पहुंचेगा।
नकदी व सोने पर सभी के एक जैसे बयान
पिछले कई सालाें में मंदिर जी में दान स्वरूप आए कई करोड़ की नकदी, करीब एक किलो सोना और हजार किलो चांदी तथा अन्य बेशकीमती चीजोंको लेकर अब तक जितने भी लोगों से जो मंदिर की अवैध कमेटी में पदाधिकारी या सदस्य रहे हैं उन्होंने पुलिस पूछताछ में केवल मृदुल व बंटी का नाम ही लिया है। यहां तक कि रंजीत जैन भी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह तो बीमार रहते हैं, जो कुछ किया धरा है वो मृदुल व बंटी का है। मैं कुछ नहीं जानता। सोना च करोड़ों का कैश इन्हीं लोगों के पास है। यदि पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की जाए तो एक एक पायी का हिसाब मिल जाएगा। माना जा रहा है कि जो पूछताछ अब तक नहीं हुई है वो पूछताछ क्राइम ब्रांच अपनी जांच में अब कर सकती है। दरअसल क्राइमब्रांच का काम करने का तरीका कुछ हटके होता है। उनसे कुछ भी छिपा नहीं रह सकता। जिसके चलते ही यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि इस साल किस की दीपावली सलाखों के पीछे घर परिवार से दूर मनेगी।
इनके खिलाफ है दर्ज एफआईआर
मंदिर की धन संपदा लूटने व बगैर चुनाव कराए मंदिर जी पर अवैध रूप से काविज होने के गंभीर अपराध में डिप्टी रजिस्ट्रार की संस्तुति के बाद जिनके खिलाफ थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें अनिल जैन बंटी, मृदुल जैन, विजय सन्मति, सुनील जैन, रंजीत जैन, सुशील चावल, संजय सुखदा, दिनेश इंश्योरेंस व अनिल जैन शामिल हैं।
लूट अभी भी जारी
सदर जैन समाज की ओर से इस पूरे मामले को उजागर करने वाले ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन ने बताया कि दुख इस बात का है कि कानून का शिकंजा कसने के बाद भी मंदिर पर अवैध रूप से काविज आज भी दान की लूट में लगे हैं। डा. संजय जैन ने बताया कि वह तो समाज के आग्रह पर मंदिर जी की संपदा को बचाने और उसको पुन मंदिर जी तक पहुंचने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। मंदिर की जो करोड़ों की नकदी, एक किलो सोना व एक हजार किलो से ज्यादा चांदी लूट गई है वो मंदिर जी को जब तक वापस नहीं मिलेगी तब तक वह चेन से बैठने वाले नहीं हैं। यह लड़ाई सदर जैन समाज की ल़ड़ाई है।