सरकार नहीं बता सकी एनएसए का आधार, देश और दुनिया में हुई थी सरकार की कड़ी आलोचना, सोमवार को लेह में निकाली गयी बड़ी रैली
नई दिल्ली। देश और दुनिया में इंटरनेशनल आलोचना के बाद आखिरकार एनएसए में अरेस्ट कर सलाखों के पीछे रखे गए वैज्ञानिक और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को सरकार ने रिहा कर दिया। हालांकि रिहाई से पहले केंद्र सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि सभी पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत को आसान बनाने के लिए वांगचुक की हिरासत समाप्त की जा रही है। सोमन समर्थकों का कहना है कि सरकार ने यह कभी नहीं बताया कि क्यों तो अरेस्ट किया और किस के दबाव में उन्हें रिहा कर दिया गया।
लोग निकले सड़कों पर
सोनम वांगचुक की रिहाई के बाद आज साेमवार को हजारों लोग सड़कों पर निकल आए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। लद्दाख के लेह शहर में कड़ी सुरक्षा के बीच सैकड़ों लोगों ने रैली निकाली। वहीं कारगिल में बंद रखा गया। यह रैली पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई के दो दिन बाद हुई। सितंबर 2025 में लेह में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। इसमें पुलिस फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद यह पहली रैली है।
मृतकों के फोटो हाथ में
सोमन वांगचुक की रिहाई बाद आज हुई इस रैली का नेतृत्व LAB के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने किया। प्रदर्शनकारी सिंगे नामग्याल चौक से लेह के पोलो ग्राउंड तक मार्च करते हुए गए। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं और लोग राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग के समर्थन में नारे लगा रहे थे। कुछ लोग उन चार लोगों की तस्वीरें भी लेकर चल रहे थे, जिनकी पिछले साल सितंबर में पुलिस फायरिंग में मौत हो गई थी, जब LAB की रैली हिंसक हो गई थी। इनकी नाराजगी केंद्र सरकार की नीतियों से है।