दक्षिण विधानसभा में दर्ज करायी उपस्थिति, सैंट्रल मार्केट के व्यारियों की दुकानों पर सपा के झंड़े, भाजपा नेताओं को व्यापारियों ने सुनाई खरीखोटी
मेरठ। शहर की दक्षिण विधानसभा के सेंट्रल मार्केट में एकाएक व्यापारियों की दुकानों पर सपा के झंड़ों ने हड़कंप मचा दियाय। मेरठ के सेंट्रल मार्केट की दुकानों पर लगे झंड़ों की खबर लखनऊ तक भाजपा नेताओं तक जा पहुंची। दरअसल जो कुछ हुआ वह व्यापारियों की भाजपा से नाराजगी के अलावा कुछ नहीं
ध्वस्तीकरण से बैचेनी
व्यापारियों खासतौर से सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को भाजपा का समर्थक माना जाता है, लेकिन पहले 661/6 का ध्वस्तीकरण और अब सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर व्यापारियों की 31 दुकानों पर लटक रही कार्रवाई की तलवार। भाजपा नेताओं की बातों पर व्यापारियाें को अब कोई भरोसा नहीं रह गया है। उनका कहना है कि जिस तरह से पहले कांप्लैक्स ध्वस्त हुआ और दावे करने वाले नजर नहीं आए। वैसा ही अब सुप्रीमकोर्ट के आदेश के मामले में होता नजर आ रहा है। व्यापारियों में कार्रवाई को लेकर भाजपा से जबरदस्त नाराजगी है। दरअसल भाजपा नेताओं के स्तर से भी कुछ नहीं किया जा रहा है। हालांकि दावे बहुत किए जा रहे हैं।
भाजपा नेताओं को लिया आड़े हाथों
सेंट्रल मार्केट में सपा के झंड़े लगाए जाने की बात सुनकर मौके पर पहुंचे भाजपा के नेताओं को व्यापारियों ने खूब खरीखोटी सुनाई। भाजपा के कुछ नेता यहां पहुंचे और सपा के झंडा उतरवाने लगे। इसी बीच भाजपा के शास्त्री नगर मंडल के अध्यक्ष की सपा का झंडा लगाने वाले कुछ व्यापारियों से झड़प भी हो गई। इसी दौरान पुलिस भी वहां पहुंची और मामले को शांत करवाया। हालांकि हंगामे के बाद ज़्यादातर व्यापारियों ने सपा के झंडे उतार दिए। सेंट्रल मार्केट के कुछ व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब चूंकि भाजपा और भाजपा के नेताओं से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है लिहाजा व्यापारी अब भाजपा की ओर से अपना मन डायवर्ट कर रहे हैं। इस दौरान कुछ व्यापारियों ने तो भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के एक बड़े नेता को लेकर तो खूब खरी खोटी सुनाई। इन व्यापारियों का कहना था कि उक्त नेता तो सिर्फ हवाई दावे करते हैं। उधर सेंट्रल मार्केट प्रकरण में व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठानों पर समाजवादी पार्टी के झंडे लगाने का मामला कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड करने लगा।
शिवपाल यादव से करायी बात
इसी बीच सपा नेता शैंकी वर्मा ने लगे हाथों कुछ व्यापारियों की बात शिवपाल यादव से करा दी। पता यहां तक चला है कि यह मामला सपा मुखिया अखिलेश यादव तक भी पहुंच गया और बाद में उन्होंने इस मामले में खुद भी संज्ञान लिया। बुधवार को सपा के झंडे लगाने की घटना ने भाजपा को जरूर बेचैन कर दिया।