अस्पताल में नहीं था सुरक्षा और बचाव उपकरण, पीएम मोदी और सीएम मांझी ने जताया दुख, कई कर्मचारी मरीजों को बचाने के प्रयास में झुलसे
नई दिल्ली। देश केउड़ीसा राज्य के एक अस्पताल के ट्रोमा सैंटर में लगी आग में दस मरीजों आग की चपेट में आकर दर्दनाक मौत हो गयी। मरीज मदद के लिए चिल्लते रहे लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि उन तक मदद नहीं पहुंच सकी। आग अस्पताल की पहली मंजिल पर लगी। वहीं दूसरी ओर मदद न पहुंचने का नतीजा यह हुआ कि ट्रोमा सैंटर में ही उनकी मौत हाे गयी। पीएम नरेन्द्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। हादसे में कई के बुरी तरह से जख्मी होने की भी सूचना है।
नहीं थे सुरक्षा उपकरण
जिस अस्पताल के ट्रोमा सैंटर में यह भयंकर आग लगी है, बताया गया है कि वहां पर आग से बचाव के कोई उपाय नहीं थे। शार्ट सर्किट से लगी आग तेजी से फैलने लगी, सूचना पर मौके पर पहुंचे दमकल कर्मचारियों ने जब अस्पताल के अग्निशमन यंत्रों के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि यहां कोई अग्निशमन यंत्र नहीं है। यह सुनकर उन्होंने अपना सिर पकड़ लिया। किसी प्रकार प्रयास कर आग पर काबू पाया लेकिन तब तक दस मरीजों की दर्दनाक मौत हो चुकी थी।
कई कर्मचारी झुलसे
आग में फंसे मरीजों को निकलाने के प्रयास में कई कर्मचारी बुरी तरह से झुलस गए। केवल कर्मचारी ही नहीं मरीजों के तिमारदार भी इस प्रयास में बुरी तरह से जख्मी हो गए। “चिकित्सा कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने मरीजों को बचाने में अपनी जान जोखिम में डाली,” मांझी ने कहा। “इस दौरान वे भी घायल हो गए और उनका भी इलाज चल रहा है।”मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं और जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आग की इस घटना से पूरे शहर में हड़कंप मचा हुआ है।