इनका पुण्य बाकि की मुसीबत

kabir Sharma
6 Min Read
WhatsApp Channel Join Now


माल रोड ही नहीं पूरे कैंट इलाके में छुट्टा पशुओं का कब्जा, इनका पुण्य बना है बाकियों के लिए मुसीबत

WhatsApp Group Join Now


मेरठ। समाज में तमाम ऐसे लोग हैं जो पुण्य कमाने के चक्कर में दूसरों को मौत के मुंह में झोंक देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन को भी कुछ करना चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों को यह भी सोचना चाहिए कि उनके कारनाम से दूसरों को कितना नुकसान हो रहा है। वो कितना घातक काम कर रहे हैं। दरअसल कोई भी वक्त और घड़ी हो केवल माल रोड ही नहीं अब तो पूरे कैंट के बाजारों में छुट्टा पशु मुसीबत बने हुए हैं और यह मुसीबत उन लोगों की देन है है जो पुण्य कमाने के चक्कर में खुद लोगों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। दरअसल होता यह है कि पुण्य कमाने का चस्का जिन्हें लगा है आमतौर पर सुबह के वक्त ऐसे लोग गाड़ियों में चारा, बासी रोटी, फल इनमें से ज्यादातर सड़े हुए फल होते हैं, उन्हें लाकर सड़कों पर फैला देते हैं। सड़कों के किनारे आमतौर पर सुबह के पशुओं का चारा सड़कों पर डंप करने वाले नजर आ जाएंगे। इस चारे के लालच में छुट्टा कुछ खास जगहों पर खुद ही घूमते हुए पहुंच जाते हैं। वैसे ऐसे पुण्य कमाने वाले आमतौर पर काली पलटन मंदिर क्षेत्र में अधिक मिलेंगे। ये लोग मल्होत्रा एन्कलेव के सामने, सरकुलर रोड चौराहा, मंदिर से सटे आर्मी के फुटपाथ, वेस्ट एंड रोड, मंदिर मार्ग पर खासतौर से अल सुबह चारा और खाने का सामान इधर उधर फैंक कर चले जाते हैं। तमाम छुट्टा पशुओं का भी मालूम होता है कि कहां और किस वक्त चारा मिलेगा। लेकिन पुण्य कमाने पर उतारू ऐसे लोगों दूसरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। खासतौर से उनके लिए जो मंदिर इलाके में बाईव स्कूटी से होकर गुजरते हैं। दरअसल पुण्य के शौकीन कुछ लोग बाइक व स्कूटी से भी आते हैं जो खाने का सामान छुट्टा पशुओं के लिए लाते हैं। जो लोग खाने का सामान नहीं भी लाते हैं, छुट्टा पशु ऐसे लोगों पर भी लपकते हैं। जो नहीं देते हैं उनका पीछा करते हैं या फिर सींग मारकर गिरा देते हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा मुसीबत
माल रोड के अलावा कैंट के तमाम ऐसे इलाके हैं जहां पर छुट्टा पशुओं मुसीबत बने हुए हैं। इन इलाकों में सदर मेन बाजार, गंज बाजार, सब्जी मंड़ी, दाल मंड़ी, थाना सदर बाजार, कबाड़ी बाजार के आसपास का इलाका, यहां तो छुट्टा पशुओं की पैठ सरीखा हाल है। सदर के अलावा रजबन इलाका, लालकुर्ती, तोपखाना आदि इलाके शामिल हैं। ये वो इलाके हैं जहां लोग सुबह-सुबह खाने का सामान सड़कों पर डाल जाते हैं। ऐसे लोगों की पुण्य कमाने की चाहत दूसरों के लिए मूुसीबत बनती है।
कई बार झगड़ा
बुधवार की सुबह रुड़की रोड लेखानगर के समीप स्कूटी सवार एक शख्स ने बीच सड़क रूक कर बैग से रोटी निकाली और सड़क किनारे पर खड़ी गाय को बुलाकर उसको रोटी देने लगा। गाय उसके पास जा पहुंची, इससे पहले वो गाय के मुंह में रोटी देता, वहां से पैदल गुजर रही एक महिला ने वो रोटी उससे छीन ली और जमकर खड़ी खोटी सुनाई। बाद में पता चला कि ऐसे ही छुट्टा पशुओं की चपेट में आकर रुड़की रोड पर बाइक सवार उसके बेटे की जान ले ली। अचानक छुट्टा पशु उसकी बाइक के सामने आ गया था। इस प्रकार की बुरी घटनाओं के तमाम किस्से मौजूद हैं, लेकिन इसके बाद भी पुण्य कमाने वाले दूसरे की मुसीबत बने हुए हैं।
चोरी छिपे चल रही डेयरियां
कोर्ट के आदेश के बाद कैंट बोर्ड ने बाकायदा अभियान चलाकर रजबन, तोपखाना, लालकुर्ती, थाना सदर बाजार के पीछे तथा अन्य स्थान जहां भी डेयरियों की सूचना थी, वहां से ऐसी डेयरियां हटवा चुका है। जो भी डेयरियां अब कैंट में चल रही हैं, वो चोरी छिपे संचालित की जा रही हैं। सुबह दूध निकालने के बाद इन पशुओं को वहां से भगा दिया जाता है। जब बोर्ड की टीम पहुंचती है तो वहां पशु नहीं मिलते।
यह कहना है लोगों का
मार्निंगवॉक को आने वाले जैन नगर निवासी विपिन जैन बताते हैं कि ऐसे पशुओं के डर से अब कैंट में आने से डर लगता है। ऐसे ही एक अन्य सदर कलाल खाना निवासी डा. संजय जैन बताते हैं कि उनके तो घर के सामने ही कब्जा रहता है। सदर दुर्गाबाड़ी निवासी अजय ने बताया कि छुट्टा पशु कई बार स्कूली बच्चों के पीछे दौड़कर उन्हें गिरा देते हैं। ऐसे तमाम लोग हैं जो छुट्टा पशुओं से आजीज आ चुके हैं। दरअसल जिन इलाकों में छुट्टा पशुओं का आतंक है वो सभी इलाके नगर निगम में मर्ज हो चुके हैं। निगम प्रशासन के पास इतनी फुर्सत नहीं कि अभी शहर को ही छुट्टा पशुओं से मुक्त कर सके।

WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *