अमेरिकी प्रशासन की प्रवक्ता हैं करोलिन लेविट, भारत के संदर्भ बोला गुड एक्टर, इसी के चलते दी रूस से तेल खरीद की इजाजत
नई दिल्ली। अमेरिकी प्रशासन की महज 28 साल की प्रवक्ता का भारत को गुड एक्टर कहना और केंद्र की मोदी सरकार का उस पर चुप्पी साध लिया जाना, इस मामले ने राजनीतिक बवंडर खड़ा दिया है। लेविट की गुड एक्टर वाली टिप्पणी को विपक्ष पीएम मोदी के संदर्भ में बता रहा है और पूछ रहा है कि क्यों नहीं अमेरिका के समक्ष इसको लेकर नाराजगी व्यक्त की गयी। दरअसल अमेरिकी प्रशासन की इस प्रवक्ता ने ईरान के साथ चल रही लड़ाई का संदर्भ लेते हुए गुड एक्टर बताते हुए भारत को रूस से तेल खरीदने की इजाजत देने की बात कही। केवल राजनीतिक दल ही नहीं तमाम बुद्धिजीवी भी लेविट ने जो कुछ कहा उस पर एतराज जाहिर कर रहे हैं।
भारत को लेकर यह कहा गया
अमेरिकी प्रशासन की प्रवक्ता Leavitt ने कहा: “Our allies in India have been good actors and have previously stopped buying sanctioned Russian oil. So as we work to address this temporary gap of oil supply in the world because of the Iranians, we have temporarily permitted India to accept Russian oil.”
विवाद की वजह
जो कुछ लेविट ने कहा विपक्ष का मानना है कि वह भारत के लिए अपमान जनक है। “Permitted” (इजाजत दी) और “good actors” शब्दों से लगता है कि अमेरिका भारत की विदेश नीति पर नियंत्रण रखता है, जो भारत की संप्रभुता (sovereignty) पर सवाल उठाता है। लेविट के कहे और कहने के तरीके पर ही सबसे ज्यादा एतराज है
विपक्ष हमलावर
इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर है। कांग्रेस और विपक्ष ने इसे “blatant insult” (खुला अपमान) बताया। कांग्रेस के पोस्ट में लिखा: “PERMITTED” और “GOOD ACTORS” — PM मोदी चुप क्यों हैं? क्या डर रहे हैं? ब्लैकमेल हो रहे हैं? Jairam Ramesh ने इसे मोदी सरकार को “capitulation certificate” (समर्पण प्रमाणपत्र) कहा। सोशल मीडिया पर मीम्स और मजाक: “Modi good actor”, “Oscar for best actor”, “US treating India as colony”।