
अमेरिका और ईरान में तनातनी, ईरान का झुकने से इंकार, दो टूक चेतावनी, कई देश हमले के खिलाफ
नई दिल्ली/न्यूयार्क/तेहरान। मुकदम रमजान का महीना शुरू हो गया है। दुनिया के मुसलमानों में रमजान की बहुत अहमियत है, लेकिन जो हालात बने हैं उससे आशंका है कि रमजान के महीने में अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ट ट्रंप ईरानियों का खून बहाने पर अमादा हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान या तो समझौता करे वर्ना आसमानी आग का सामने करने को तैयार रहे। उन्होंने यह भी खुलास कर दिया है कि ईरान की चाराें ओर से घेराबंदी कर ली गयी है। पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अमेरिकी जहाज कभी भी ईरानी आसमान पर पहुंच कर बारूद बरसा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर दुनिया के कई देशों ने ट्रंप की हिमाकत की निंदा की है। इसको लेकर ट्रंप भी अनभिज्ञ नहीं हैं।
ट्रंप की मंजूरी का इंतजार
अरब मीडिया की मानें तो अमेरिका ने ईरान पर बड़े हमले की तैयारी की है। युद्ध वाहक पोत पर उसके विमान स्टेंड बाई पर हैं। उन्हें केवल पेंटागन के ग्रीन सिग्नल और पेंटागन को ट्रंप के ग्रिन सिग्नल का इंतजार है। पश्चिमी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में F-35, F-22, F-15 और F-16 जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की कई स्क्वॉड्रन तैनात की हैं।
डिफैंस सिस्टम की तैनाती
अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी के लिए बड़े स्तर पर डिफैंस सिंस्टम लगाए हैं। इतना ही नहीं कई दूसरे युद्धक उपकरण भी लगाए गए हैं। ईरान पर एयर स्ट्राइक के लिए कमांड एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट भी भेजे जा रहे हैं। हाल के हफ्तों में एयर डिफेंस सिस्टम भी इलाके में लगाए गए हैं। अमेरिकी न्यूज एजेंसी एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका सैन्य कार्रवाई करता है तो यह कई हफ्तों तक चलने वाला बड़ा ऑपरेशन होगा।
विनाशकारी होगा हमला
अमेरिका यदि ईरान पर हमला करता है या फिर सीमित एयर स्ट्राइक करता है तो यह विनाशकारी होगा। पश्चिमी विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी कीमत इजराइल और खाड़ी में मौजूद अमेरिकी बेस पर तैनात फौजियों को चुकानी होगी। इसके अलावा यह भी मुमकिन है कि ईरान की मदद को रूस और उत्तर काेरिया सरीखे देश बैक डोर से आ जाएं। कई देश नहीं चाहते कि अमेरिका ईरान पर एयर स्ट्राइक करे। दरअसल ईरान में देश व्यापी प्रदर्शनों के बाद अमेरिका एयर स्ट्राइक का मौका तलाश रहा है।