अमेरिका व ईरान में भारी तनाव, ईरान की दो टूक इजरायल को कर देंगे बर्बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने दी हिंद महासागर में दूसरा बेडा भेजने की धमकी
नई दिल्ली/तेहरान/न्यूयार्क। अमेरिका व ईरान के बीच जंग के आसार नजर आ रहे हैं। दरअसल अमेरिका का प्रयास है कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोडक्शन पर पावंदी लगाना चाहता है लेकिन ईरान से इसको ठुकरा दिया है। अमेरिका ने हिंद महासागर में दूसरा बेडा भेजने की धमकी दी तो ईरान ने पलटवार करते हुए कहा कि दूसरा नहीं सत्तर भेजा कोई फर्क नहीं पड़ता। अमेरिका की गलती की कीमत इजरायल को चुकानी होगी। माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव इन दिनों काफी बढ़ गया है। जनवरी 2026 में दोनों पक्षों से लगातार धमकियां आ रही हैं, लेकिन अभी तक कोई पूर्ण युद्ध शुरू नहीं हुआ है। स्थिति गंभीर है, लेकिन कूटनीतिक प्रयास भी चल रहे हैं। यहां लेटेस्ट अपडेट्स हैं।
जंग सरीखे हालात
अमेरिका ने USS Abraham Lincoln एयरक्राफ्ट कैरियर और अन्य warships को मिडिल ईस्ट (अरबियन सी) में भेजा है। अतिरिक्त एयरक्राफ्ट, पैट्रियट मिसाइल्स और THAAD बैटरी भी तैनात की गई हैं। ईरान ने Strait of Hormuz में लाइव अमुनिशन मिलिट्री ऑपरेशंस की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर कुछ रिपोर्टस में कहा गया है कि ईरान की भी सैन्य तैयारियां टॉप लेबल पर हैं। ईरानी तैयारियों को देखते हुए अमेरिका पहल की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
ट्रंप ने दी पहले से ज्यादा बुरा करने की धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी है कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर नई डील करनी होगी, वरना “समय खत्म हो रहा है”। उन्होंने कहा है कि एक “मैसिव आर्मडा” (बड़ी नौसेना) ईरान की ओर जा रही है, जो “स्पीड और वायलेंस” के साथ मिशन पूरा करने को तैयार है। ट्रंप ने पिछले साल जून में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले का जिक्र करते हुए कहा कि अगला हमला “कहीं ज्यादा बुरा” होगा।
ईरान फिंगर्स ऑन दा ट्रिगर्स
ईरान बिलकुल भी अमेरिका की धमकियों से नहीं डर रहा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरानी सेना “फिंगर्स ऑन द ट्रिगर” है और किसी भी हमले का “तुरंत और शक्तिशाली” जवाब देगी। ईरान ने कहा है कि कोई भी हमला “ऑल-आउट वॉर” माना जाएगा, और वे “कभी पहले जैसा” जवाब देंगे। ईरान के सीनियर अधिकारी ने चेतावनी दी कि अमेरिका-इजराइल का कोई सरप्राइज प्लान कंट्रोल से बाहर हो जाएगा।
जंग टालने की कोशिशें
दुनिया के तमाम देश चाहते हैं कि ईरान व अमेरिका आपस में ना भिड़े, क्योंकि उन्हें डर है कि यदि भिड़त हुई तो तीसरे विश्व युद्ध में बदल जाएगी। इसी के चलते तुर्की (अंकारा) में बातचीत चल रही है ताकि युद्ध टाला जा सके। ईरान डिप्लोमेसी और मिलिट्री दोनों तैयार है। EU ने IRGC को टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया है। यह भी आशंका है कि ईरान के यदि जंग हुई तो US बेस पर हमले कर सकता है। ऑयल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।