

जेलेस्कि और ट्रंप की मिटिंग से पहले, युद्ध रोकने के लिए ट्रंप कर रहे हैं मिटिंग, रूप की मंशा पर उठ रहे सवाल
नई दिल्ली/वाशिंगटन/कीव। रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग को खत्म करने की कोशिशों पर रूस के राष्ट्रपति ब्लामिदीर पुतिन ने सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेलिस्की के बीच इस मसले पर बैठक से ठीक पहले पुतिन के इशारे पर रशियन फौजों ने यूक्रेन पर भारी बमबारी की है। इसमें काफी बड़ा नुकसान पहुंचा है। इस हमले के बाद विश्व भर के वो लोग जो युद्ध समाप्ति के लिए प्रयास कर रहे हैं हैरान हैं। वहीं यह भी माना जा रहा है कि पुतिन की प्रेशर टेक्टिस है। पुनित युद्ध की समाप्ति तो चाहते हैं, लेकिन वो अपनी शर्तों पर इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं। याद रहे कि क्रिसमस के मौके पर पोप ने भी दुनिया भर में युद्ध खत्म करने की बात कही थी।
रूसी ड्रोनों के निशाने पर रहा कीव
यूक्रेन की राजधानी कीव रूसी ड्रोनों के निशाने पर रही।आज सुबह यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। शहर में जोरदार धमाके सुनाई दिए, एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुए और आसमान में आग के गोले दिखे। हमले में रूस ने क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हमला होते ही सायरन बजने शुरू हो गए। लोग सुरक्षित स्थानों पर भागने लगे। चारों ओर चींख पुकार मची गई।
हमले के बाद ट्रंप की कोशिशों पर सवाल
इस हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की कोशिशों पर सवाल खड़े हो गए हैं। दुनिया पूछ रही है कि क्या ट्रंप की कोशिशें प्रासंगिक नहीं रही हैं।यह हमला उस मीटिंग से महज दो दिन पहले हुआ है, जिसमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फ्लोरिडा में मिलकर युद्ध समाप्ति के 20-पॉइंट पीस प्लान और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने वाले हैं।
हमले की कोशिशों पर साइड इफैक्ट
आज हुए हमले के युद्ध समाप्ति की कोशिशों पर साइड इफैक्ट पड़ सकते हैं।जेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षा गारंटी और शांति समझौते का ड्राफ्ट लगभग तैयार है, लेकिन रूस का यह हमला वार्ता को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला रूस की ओर से ट्रंप प्रशासन को संदेश है। युद्ध अब चौथे साल में प्रवेश कर चुका है और हाल के दिनों में रूसी सेनाओं ने पूर्वी यूक्रेन में कुछ इलाकों पर कब्जा किया है। वहीं दूसरी ओर पुतिन को भी कई देशों ने संदेश दिया है कि हमलों से बाज जाएं।