ऐसा क्या है डोर टू डोर की फाइलों में

kabir Sharma
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क्यों बार-बार आ रहे हैं रिटायर्ड सीईओ, क्या वाकई सब कुछ ठीक है, कुछ तो जिसकी पर्दादारी है, ये बैचेनी कैसी

मेरठ। कैंट बोर्ड के डोर टू डोर के ठेके की फाइलें रह-रह कर नींद तोड़ रहीं है। ऐसा क्या है डोर टू टोर की फाइलों में जो मामला ठंड़ा पड़ता नजर नहीं आ रहा है। करीब ₹1.50 करोड़ भुगतान, बैकडेट दस्तावेज और आशियाना गेस्ट हाउस में डोर टू डोर ठेके की जांच में फंसे एक रिटायर्ड सीईओ के ठहराव से उठे नए सवाल उठ रहे हैं। साल 2021–22 का डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का ठेका एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार सुर्खिया आशियना गेस्ट हाउस से उठी हैं।

बैकडेट के दस्तावेज कैसे होगे दुरूस्त

डोर टू डोर कूडा कलेक्शन के बैकडेट दस्तावेज हमेशा ही इस घपले घोटाले की जड़ रहे हैं। इसी के चलते पूछा जा रहा है कि ऐसा क्या है जो आशियना में ठहरने की नौबत आ गयी। कारण सिर्फ पुरानी जांच नहीं, बल्कि उस अवधि के सेवानिवृत्त पूर्व सीईओ की आशियाना गेस्ट हाउस में मौजूदगी है, ऐसे समय में जब इस अनुबंध से जुड़े अभिलेख अभी भी विवाद, आरटीआई और सतर्कता संदर्भों में सक्रिय हैं। क्या यह महज़ संयोग है? या कहानी अभी पूरी नहीं हुई? बैकडेट दस्तावेज: टाइप जुलाई में, तारीख मार्च की?

जांच के आधार

वर्ष 2022 में मध्य कमान स्तर पर हुई वैधानिक जांच में दर्ज किया गया कुछ दस्तावेज कंप्यूटर में जुलाई–अगस्त 2021 में टाइप हुए; जबकि उन पर मार्च 2021 की तिथि अंकित थी। ₹15.60 से बढ़ाकर ₹18.57 लाख का भुगतान backdated दस्तावेजों पर किए जाने के मामला सामने आया। यह निष्कर्ष बाद में CBI Preliminary Enquiry का हिस्सा बने। “Subject to Verification” — की शर्त पर सत्यापन कहाँ है? CBI की प्रारंभिक जांच में भुगतान “concerned officials द्वारा सत्यापन के अधीन” करने की सिफारिश दर्ज हुई।
लेकिन सवाल यह है।

किन दस्तावेजों पर सत्यापन

3 जुलाई साल 2022 की सत्यापन रिपोर्ट में दर्ज मैनपावर कमी और MSW Rules उल्लंघन का निस्तारण कैसे हुआ? यदि संसाधन की कमी रिकॉर्ड पर थी, तो पूर्ण भुगतान का आधार क्या था?, RTI प्रकटीकरणों में यह भी सामने आया कि MSW Rules के अनुपालन से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं थे। लगभग ₹1.50 करोड़ से अधिक भुगतान: क्या हुआ स्वतंत्र ऑडिट?
अनुबंध अवधि में ₹1.50करोड़ से अधिक भुगतान किए गए।

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सवाल अभी बाकि हैं

जो सवाल मुंह बाए खड़े हैं उनमें क्या इन भुगतानों का स्वतंत्र लेखा परीक्षण हुआ? “Subject to Verification” शर्त के समर्थन में कोई विस्तृत सत्यापन सूची मौजूद है? क्या रिकॉर्डेड कमियों और भुगतान के बीच औपचारिक सामंजस्य दर्ज किया गया?
यदि नहीं, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि वित्तीय पारदर्शिता का प्रश्न बन सकता है।
आशियाना गेस्ट हाउस में पूर्व CEO: क्यों और किस अधिकार से? सूत्रों के अनुसार, अनुबंध अवधि के दौरान पदस्थ रहे सेवानिवृत्त पूर्व CEO इन दिनों आशियाना गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं। वर्ष 2025 में शिकायतों के बाद उनके छावनी परिषद परिसर में प्रवेश पर रोक लगाए जाने की चर्चा भी रही।

क्या अधिकारिक अनुमति है आशियाना में ठहरने की

आशियना में ठहरने की क्या अधिकारिक अनुमति है, क्या उन्हें आधिकारिक अनुमति दी गई है, क्या वे किसी प्रशासनिक कार्य में संलग्न हैं? क्या संवेदनशील फाइलों की सुरक्षा सुनिश्चित है? CCTV नहीं? तो निगरानी कैसे?, सूत्रों का दावा है कि आशियाना परिसर में CCTV सक्रिय नहीं है। यदि यह सही है, तो यह प्रश्न और गंभीर हो जाता है कि: संवेदनशील रिकॉर्ड की निगरानी कैसे हो रही है?, फाइल मूवमेंट रजिस्टर और डिजिटल एक्सेस लॉग सुरक्षित हैं?, विशेषज्ञ मानते हैं कि जब किसी मामले में पहले से दस्तावेजीय तिथि-विसंगति दर्ज हो चुकी हो, तब रिकॉर्ड सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

महज एक ठेका भर नहीं

मामला सिर्फ एक ठेका नहीं बल्कि यह अब केवल ₹18.57 लाख बनाम ₹15.60 लाख का सवाल नहीं है।
यह मामला जुड़ा है, सार्वजनिक धन से, प्रशासनिक पारदर्शिता से, वैधानिक जांच निष्कर्षों की विश्वसनीयता से और संस्थागत जवाबदेही से।

ये हैं सवाल

जब तक संबंधित प्राधिकरण स्पष्ट रूप से यह नहीं बताते कि भुगतान सत्यापन कैसे हुआ, ऑडिट स्थिति क्या है, रिकॉर्ड सुरक्षा कैसे सुनिश्चित है, तब तक यह मामला सवालों से घिरा रहेगा। क्या यह एक बंद अध्याय है — या अभी कई पन्ने बाकी हैं?

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