क्यों भाग रहे हैं जांच से

kabir Sharma
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मेरठ। आरटीआई एक्टिविस्ट सचिन गुप्ता ने पूर्व में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय जेल चुंगी मेरठ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था जिसकी शिकायत Pvvnl की MD ईशा दुहन से की थी जिसपर MD के आदेश के बाद डायरेक्टर पर्सनल आशु कालिया को पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा सौपा गया था, जिसपर डायरेक्टर द्वारा मुख्य अभियंता मेरठ क्षेत्र मेरठ विक्टोरिया पार्क मुनीश चोपड़ा को स्वम स्तर से जांच करने के निर्देश दिए थे। बाद में मुख्य अभियंता मुनीश चोपड़ा ने भी हाथ खड़े करते हुए डिस्कॉम स्तर से जांच करवाने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। आरटीआई एक्टिविस्ट सचिन गुप्ता का आरोप है कि इससे ये प्रतीत होता है कि मुख्य अभियंता भ्रष्टाचार को अधिक बढ़ावा देते हैं या भ्रष्टाचारियों की जांच से बचते हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट गुप्ता ने मुख्य अभियंता पर भी भ्रष्टाचार में लिप्त अधिशासी अभियंता महेश कुमार विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मुख्य अभियंता को चार बार बताया गया कि जिस काम्प्लेक्स की जांच के लिए शिकायत की गई है। उक्त काम्प्लेक्स पर अधिशासी अभियंता द्वारा सुविधा शुल्क वसूल कर पिछले एक साल दस महा से पूरे काम्प्लेक्स नीलम मार्किट कागजी बाजार रबड़ी वाली गली में बिजली चोरी से चलाई जा रही हैं, इसके बाद भी मुख्य अभियंता मौन रखे हुए है बजाए कांप्लैक्स पर कार्रवाई के कार्यवाही करने से भी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं क्या मुख्य अभियंता मुनीश चोपड़ा किसी बड़े नेता के दबाब में कार्यवाही से पीछे हटे है या उनका अधिशासी अभियंता महेश कुमार विद्युत वितरण वाणिज्य से कोई निजी संबन्ध है ये बहुत बड़ा जांच का विषय है आरटीआई एक्टिविस्ट का कहना है कि अगर विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा इस करोड़ों रुपये के घोटाले को जल्दी नहीं खोला गया तो आरटीआई एक्टिविस्ट आने वाली 21 अगस्त को लखनऊ ऊर्जा मंत्री तथा मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पेश होकर इस प्रकरण को सीएम के संज्ञान में डालते हुए कार्यवाही का आग्रह करेंगे।

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