मेरठ। सोमवार देर रात रुड़की रोड के सोफीपुर इलाके के सामने सड़क के दोनों भयंकर जाम लग गया। इस जाम में खुद एक सीओ भी फंस गए। उनके हमराह सिपाहियों ने जाम खुलवाने का प्रयास भी किया, लेकिन उन्होंने भी जाम के सामने घुटने टेक दिया। हालांकि आरएसएस के स्वयं सेवक जाम से उलझते रहे। वहीं दूसरी ओर कांवड़ यात्रा को लेकर किए गए इंतजाम जाम के लिए बदनाम हो गए। इस बार की कांवड़ यात्रा को पुलिस की बदइंतजामी और कांवड़ यात्रा मार्ग पर जाम के लिए भी याद किया जाएगा। शुरूआत दिल्ली रोड पर जाम से हुई। वहां भयंकर जाम लगा। दिल्ली रोड के जाम ने पुलिस के इंतजामों की कलई खोलकर रख दी। उसके बाद जाम की मुसीबत एनएच-58 पर टूटी। यहां तो जाम ने हेड ट्रिक लगा दी। हाईवे पर लगे जाम ने केवल आम लोगाें की ही नहीं बल्कि कांवड़ियों की भी चूलें हिलाकर रख दीं। हालत यह हो गयी कि कुछ तो कांवड़ यात्रा मार्ग पर जाने से ही तौबा कर ली, जबकि जाम की मुसीबत झेलने वाले कांवड़ियों का कहना था कि अगले साल तो कांवड़ लाने के लिए किसी वैकल्पिक मार्ग का विकल्प चुनेंगे और सोमवार की देर रात सोफीपुर रुड़की रोड पर जाम लग गया। जाम की वजह वन वे पर तमाम बाइकों व कारों आमने सामने आ जाना रहा। आमने सामने आने के बाद वहां जाम की दीवार खड़ी हो गई। सीओ फंस गए थे, इसलिए पुलिस वाले भी जाम खुलवाने को पहुंच गए। आरएसएस के स्वंय सेवक पहले से ही जाम से जूझ रहे थे। सोफीपुर का जाम उन लोगों की गलती से लगा जो कांवड़ यात्रा के वन मार्ग पर भयंकर भीड़ में गाड़ियां लेकर घुस गए। इसके अलावा हरिद्वार से भारी भरकम व डीजे वाली कांवड़ लेकर कैंटर भी उसी रास्ते पर आ गईं। बाइक सवार कांवड़िया भी आमने सामने आ डटे। ऐसे में जाम ना लगता तो और क्या होता। घंटों लोग जाम में फंसे रहे और उस घड़ी को कोस रहे थे जब वो इस रास्ते से निकलने की गलती कर बैठे।