सेमिनार का विषय ‘‘वुमन इन लीडरशिप, डीन डा. संदीप कुमार ने समाज एवं घर में स्त्री के योगदान पर, कई विशेषज्ञ रहे मौजूद
मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कामर्स एण्ड मैनेजमेंट में ‘‘राष्ट्रीय सेमिनार’’ का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय ‘‘वुमन इन लीडरशिप ब्रेकिंग बेरियरर्स एवं एकेडेमिया’’ रहा। राष्ट्रीय सेमिनार का शुभ आरम्भ ऑनरेबल वाईस चांसलर डा. दीपा शर्मा एवं आगुंतकों ने माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। कार्यक्रम का आरम्भ संकाय अध्यक्ष डा. विनीत कौशिक ने देश एवं विश्व पटल पर नारी के बदलते परिदृश्य एवं व्यापार एवं उद्योग जगत में उनकी नवीन भूमिका को विस्तारपूर्वक समझाया। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक डीन डा. संदीप कुमार ने समाज एवं घर में स्त्री के योगदान पर विस्तारपूर्वक उद्योग जगत के सजीव उदाहरणों से व्याख्यान दिया।
मुख्य वक्ता पूनम शर्मा
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता पूनम शर्मा – प्रथम स्तर मजिस्ट्रेट एवं सदस्य बाल एवं महिला वेलफेयर समिति ने अपने उद्बोधन में बताया कि नारियों की उच्च शिक्षा एवं स्वालंभन के साथ-साथ उनके चरित्र निर्माण, सामाजिक एवं पारिवारिक मूल्यों का विकास भी उतना ही अनिवार्य है क्योंकि स्त्री न केवल स्वयं के लिए बल्कि समाज एवं परिवार के लिए धुरी का काम करती है। उन्होंने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि महिला नेतृत्व न केवल संस्थागत विकास में सहायक है बल्कि यह सामाजिक परिर्वतन का भी सशक्त माध्यम है।
नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी
मुख्य वक्ता डा. उषा सहाय (प्रो. ऑफ इंग्लिश, लेखक एवं महिला उत्थान में अग्रणी भूमिका) ने अपने उदबोधन में शैक्षिक जगत में लैंगिक समानता, कार्य-जीवन संतुलन (वर्क लाइफ बेलेंस) निति निमार्ण में महिलाओं की भागिदारी तथा नेतृत्व कौशल के विकास जैसे महत्पूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा कह चर्चा के दौरान उन्होंने यह भी रेखांकित कि पारम्परिक बाधाओं को तौडते हुऐ महिलायें अब प्रसास्निक एवं शैक्षणिक शीर्ष पदों अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। आयोजन सचिव डा0 देशदीपक अग्रवाल ने प्रस्तुत किया एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों, अथितियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इनका रहा योगदान
कार्यक्रम के संयोजक डा. विनित कौशिक, संकायध्यक्ष, सहः संयोजक डॉ. संदीप कुमार,, डा. नीरज गुप्ता एमबीए विभागाध्यक्ष, डा. पुनीत कुमार कामर्स विभागाध्यक्ष, वासिक ईकबाल बीबीए विभागाध्यक्ष रहे। कोर समिति में डा. प्रभा गर्ग, डा. आशिश कुमार रहे। डा. प्रियंका राणा, डा. निकिता सिंधल, सोम्य शर्मा, डा. अरूण जादौन का महत्पूर्ण योगदान रहा। राष्ट्रीय सेमिनार को सफल बनाने में आर्गेनाइजिंग समिति के सभी सदयों, एवं छात्र-छात्राओं का विशेष योगदान रहा।