कैसे परवान चढ़े योजना ना अधिकारी गंभीर ना पार्षद, राष्ट्रीय परिवार आईडी योजना पर बुलायी गयी थी बैठक, पार्षदों को शिकायत उन्हें न्यौता ही नहीं भेजा
मेरठ। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय परिवार आईडी योजना को लेकर ना तो सिस्टम के अफसर ही गंभीर हैं और ना ही वो नगर निगम के वो पार्षद जिनके बूते सरकार इस योजना को फलीभूत होते देखना चाहती है। हालांकि तमाम ऐसे भी पार्षद हैं जिनका कहना है कि उन्हें तो इस बैठक की सूचना ही नगर निगम के अफसरों ने नहीं भेजी। जिस योजना को लेकर यह बैठक बुलायी गयी उसकी सूचना सभी पार्षदों को भेजने का दायित्व अपर नगरायुक्त पंकज कुमार का था। कुछ पार्षदों को उनकी मार्फत इस संबंध में शहर घंटाघर टाउन हाल में गुरूवार की सुबह १२ बजे होने वाली बैठक की सूचना भी भेजी गयी, लेकिन ज्यादातर ऐसे थे जिनसे जब बात की गयी तो उन्होंने टाउन हाल बैठक में जाना तो दूर की बात रही, इस प्रकार की किसी बैठक की जानकारी से भी अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने दो टूक बताया कि अपर नगरायुक्त ने उन्हें इस आश्य की कोई सूचना नहीं भेजी है, हालांकि अपर नगरायुक्त ने दावा किया कि सूचना तो सभी को भेजी गयी है।
महज 40 पार्षद ही पहुंचे
इस महत्वपूर्ण बैठक में निगम के सौ में से महज चालिस पार्षद ही पहुंचे थे। इनमें से जो पहुंचे उन्होंने बताया कि बैठक में अधिकारियों के नाम पर अपर नगरायुक्त ही मौजूद थे। उन्हें राष्ट्रीय परिवार आईडी के बारे में अपर नगरायुक्त ने विस्तार से जानकारी दी और बताया कि जिनके पास पहले से राशन गार्ड मौजूद हैं वो इसके पात्र नहीं बन पाएंगे, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, वो इस योजना के पात्र होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार से इस योजना की पात्रता प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए सरकार की ओर से जारी की जाने वाली आईडी पर लांगिन करना होगा। लॉगिन में जो जानकारी संबंधित परिवार की मांगी जाएगी वो फिलअप करनी होगी। इस प्रकार की बहुत सी जानकारी एड करने के बाद यदि वो पात्रता की श्रेणी के मानक के अनुकूल होंगी तो लॉस्ट में एक ओटीपी दिया जाएगा, जिसको फिलअप करने के बाद राष्ट्रीय परिवार आईडी योजना में नाम शामिल कर लिया जाएगा। इसमें यह भी जानकारी दी गयी कि इस योजना में वही परिवार पात्र माने जाएंगे जिनका आधार लिंक होगा।