

डीएम एसएसपी बैकफुट पर रात एक बजे वार्ता, किसानों से कहा अभी वक्त नहीं आन चौदह दिन बाद, किसानों ने डाला डेरा
किसानों का पीएम से मिलने व चौदह दिन तक कलेक्ट्रेट में डेरे का एलान, अफसरों के फूले हाथ पांव, देर रात एक बजे एडीएम सिटी पहुंचे किसानों के बीच
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान प्रशासन से ज्यादा कुछ नहीं सिर्फ इतना चाहते थे कि उनकी जायज बात सुनी जाए और मांगें पूरी की जाएं, लेकिन अफसरों ने फरमान सुना दिया कि अभी चौदह दिन टाइम नहीं है। डीएम साहब से भी मिलना है तो फिर चौदह दिन बाद ही आना उससे पहले नहीं। किसान बोले ठीक है चौदह दिन टाइम नहीं है तो कोई बात नहीं , लेकिन किसानों के पास तो टाइम ही टाइम है। भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने एलान कर दिया कि कोई बात नहीं किसान भी चौदह दिन तक यहीं कलेक्ट्रेट में बैठे हैं। जब उनकी बात सुन ली जाएगी तो वो यहां से चले जाएंगे। कई घंटे बीत गए। शाम हो गयी।
किसानों ने चढ़ा दी भट्टी
अंधेरा ढलते ही किसानों ने कलेक्ट्रेट में भट्टी और कढ़ाई चढ़ा दी। यह खबर अफसरों तक पहुंचने में देरी नहीं लगी। कुछ देर बात वहां एडीएम सिटी, सीओ सिविल लाइन और सीओ एलआईयू तथा इंस्पेक्टर टीपीनगर पुलिस फोर्स के साथ आ गए। इन्होंने यहां पहुंचकर अनुराग चौधरी से बात की। अनुराग चौधरी ने बताया कि उन्हें प्रेशर में लेने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने दो टूक कह दिया कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती, तब तक वो यहां से जाने वाले नहीं। साथ ही यह भी कह दिया कि 22 तारीख को पीएम मोदी आ रहे हैं किसान उनसे भी मिलेंगे। काफी देर तक तर्क वितर्क होता रहा, लेकिन किसानों ने बात सुनी जाने तक वापस जाने से साफ मना कर दिया। अंधेरा गहराने लगा तो किसान बिस्तरों में घुस गए और अफसर भी लौट गए।
देर रात फिर पहुंचे एडीएम सिटी
रात करीब एक बजे के बाद एडीएम सिटी फिर किसानों के बीच जा पहुंचे। उन्होंने अनुराग चौधरी को जगाया और कहा कि चलिए डीएम साहब आ गए हैं। जो बात कहना या करना चाहते हैं कर लीजिए। अनुराग चौधरी तुरंत बिस्तर से उठ खड़े हुए और उनके साथ कुछ किसान भी डीएम से वार्ता के लिए चल दिए। वहां पहुंचे तो वहां डीएम के अलावा एसएसपी भी मौजूद थे। अनुराग चौधरी ने बताया कि उन्होंने डीएम को बताया गया कि किसानों ने मवाना, सरधना और सदर तहसील में अपने समस्याएं लिख कर दी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। डीएम ने इस पर जवाब दिया कि चौदह दिन से पहले कुछ नहीं होगा।
बैकफुट पर अफसर
अनुराग चौधरी ने बताया कि अफसरों का रवैया देखकर चौदह दिन बाद ही यहां से किसान हटेंगे, यह कहकर वह चल दिए। उसके एसएसपी ने उसने वहां बैठकर वार्ता करने का आग्रह किया। अनुराग चौधरी ने बताया कि जब एसएसपी ने आग्रह किया तो वह दोबारा बैठ गए। डीएम से बातचीत शुरू हुई। वो बोले की तीन दिन में समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा। अनुराग ने इस पर कहा कि तीन नहीं पांच दिन दे रहे हैं। पांच दिन में समस्याओं का समाधाना करा दीजिए। अनुराग चौधरी कि यदि पांच दिन के भीतर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह दोबारा यहां आ जाएंगे।