सिहर उठे दर्शक लव जिहाद को बेरहम चेहरा देखकर, मेरठ चलचित्त्र सोसाइटी द्वारा फिल्म ‘द केरला स्टोरी-2Ó का प्रीमियर27 को देश भर में रिलीज
मेरठ। मेरठ चलचित्र सोसाइटी द्वारा आज बॉलीवुड फिल्म द केरला स्टोरी 2 का एक विशेष प्रीमियर शो आयोजित किया गया। यह फिल्म देश-भर में 27 फरवरी को रिलीज होने जा रही है, किन्तु फिल्म निर्माताओं ने मेरठ चलचित्त्र सोसाइटी के साथ मिलकर शहर के विशिष्ट बौद्धिक व्यक्तित्वों के लिए इस विशेष प्रदर्शन का आयोजन किया।
संगठित धार्मिक अपराध ‘लव जिहाद
सोसाइटी के महासचिव एवं सेंट्रल बोर्ड फिल्म सर्टिफिकेशसन (फिल्म सेंसर बोर्ड) के सदस्य अंबरीश पाठक ने इस अवसर पर कहा कि यह फिल्म एक अत्यंत संवेदनशील सामाजिक विषय — संगठित धार्मिक अपराध ‘लव जिहाद — पर आधारित है, जो भोली-भाली हिंदू लड़कियों के जीवन को किस प्रकार छल, धोखे और कट्टरपंथी षड्यंत्रों के माध्यम से बर्बाद करता है, इसे प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता लाने वाली ऐसी फिल्मों का प्रदर्शन बौद्धिक समाज के बीच होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि इस विषय पर गंभीर विमर्श हो सके।
पीड़िताओं के मानसिक संघर्ष की कहानी
सामाजिक चेतना के लिए
सोसाइटी के कोषाध्यक्ष पंकज राज शर्मा ने बताया फिल्म में पीड़िताओं के मानसिक संघर्ष, परिवारों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव तथा अपराध के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक की कड़ियों को सशक्त और भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म की पटकथा और निर्देशन विषय की गंभीरता को प्रभावी तरीके से सामने लाते हैं। उन्होंने ने कहा कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसी वास्तविकताओं से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि युवा पीढ़ी सतर्क रह सके और परिवार जागरूक बनें। सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ मनोज श्रीवास्तव ने कहा उन्होंने कहा ‘द केरला स्टोरी-2Ó कथानक के माध्यम से यह दर्शाती है कि किस प्रकार कुछ संगठित गिरोह पहचान छिपाकर, प्रेम संबंधों का जाल बुनकर और मनोवैज्ञानिक दबाव डालकर युवा लड़कियों को अपने जाल में फंसाते हैं।
उन्होंने फिल्म निर्माताओं का विशेष आभार व्यक्त किया कि उन्होंने मेरठ चलचित्र सोसाइटी को इस प्रीमियर आयोजन का अवसर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मेरठ चलचित्र सोसाइटी भविष्य में भी समाजोपयोगी विषयों पर आधारित फिल्मों के विशेष प्रदर्शन आयोजित करती रहेगी।
पहल की सराहना
कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध शिक्षाविद, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, पत्रकार, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स एवं बड़ी संख्या मातृ शक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने फिल्म की विषयवस्तु पर सार्थक चर्चा की और इस पहल की सराहना की।