CWG में नहीं था घोटाला झूठे थे आरोप

kabir Sharma
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कामनवेल्थ गेम में कोई घोटाला नहीं था, भाजपा और केजरीवाल ने झूठे आरोप लगाए, कांग्रेसी बोले माफी मांगेंगे मोदी व केजरीवाल, CBI भी कह चुकी नहीं कोई भ्रष्टाचार

नई दिल्ली। स्पेक्ट्रम घोटाले के बाद अब कॉमनवेल्थ घोटाले में भी कांग्रेस को अदालत से राहत मिल गयी है। यह राहत किसी अन्य वजह से नहीं बल्कि मोदी सरकार के प्रवर्तन निदेशालय (ED) की क्लोजर रिपोर्ट के बाद मिली है। इस रिपोर्ट को अदालत ने स्वीकार कर लिया, जिससे पूर्व CWG आयोजन समिति के चेयरमैन कांग्रेस के बड़े नेता सुरेश कलमाड़ी, महासचिव ललित भनोट और अन्य आरोपियों को क्लीन चिट मिल गई। ED की क्लोजर रिपोर्ट और अदालत के आदेश के बाद अब आप और भाजपा के नेता मुंह छिपा रहे हैं। मीडिया के सामने नहीं आ रहे हैं। वहीं कांग्रेसियों ने पीएम मोदी व अरविंद केजरीवाल से माफी मांगने को कहा है।

ED ने कहा कोई घोटाला नहीं

EG की इस रिपोर्ट में कहा गया कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कोई अपराध साबित नहीं हुआ और कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। CBI ने पहले ही 2014 में भ्रष्टाचार के मामले को बंद कर दिया था, जहां आरोप सिद्ध नहीं हो सके थे। इस फैसले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है, जहां कांग्रेस ने भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से माफी की मांग की है।

मनमोहन सिंह और शीला दीक्षित सरकार पर करते थे हमले

भाजपा और आप के नेता कॉमनवेल्थ खेलों में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह व दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित पर चुनावी सभाओं में राजनीतिक हमले किया करते थे, लेकिन CBI के बाद अब ED ने भी पीएम मोदी व केजरीवाल को मुश्किल में फंसा दिया है। यह मामला 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ा है, जब दिल्ली में आयोजित इन खेलों के लिए बजट 1,620 करोड़ रुपये से बढ़कर 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी आयोजन समिति के प्रमुख थे। अनुबंधों में अनियमितताओं, ओवरबिलिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिसमें दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भी घसीटा गया। भाजपा और AAP ने इन आरोपों को हथियार बनाकर कांग्रेस को बदनाम किया, केजरीवाल ने तो CWG को ‘महाघोटाला’ बताते हुए मनमोहन सिंह और शीला दीक्षित पर सीधे हमले किए थे। मोदी ने भी चुनावी रैलियों में इन घोटालों का जिक्र कर यूपीए को ‘भ्रष्ट’ करार दिया था, लेकिन बड़ा सवाल की नरेन्द्र मोदी व अरविंद केजरीवाल अब कांग्रेस के हमलों का सामना कैसे करेंगे।

कांग्रेस ने बोला हमला

अदालत से मिली राहत के बाद कांग्रेस ने पीएम मोदी और केजरीवाल पर हमला बोला है। संगठन के महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “2014 से पहले, अरविंद केजरीवाल और भाजपा ने जुगलबंदी करके कांग्रेस को बदनाम करने के लिए 2G और कॉमनवेल्थ जैसे झूठे घोटाले गढ़े। दो बेहद ईमानदार और समर्पित नेताओं—डॉ. मनमोहन सिंह और शीला दीक्षित पर झूठे आरोप लगाए गए। 2G का सच पहले ही अदालत में सामने आ चुका था। आज, कॉमनवेल्थ का भी सच सामने आ गया है। नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल को कांग्रेस और भारत की जनता से माफी मांगनी चाहिए। सत्यमेव जयते!” रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने इन नेताओं पर ‘कीचड़ उछालने’ का आरोप लगाया।

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संसद की कमेटी पहले ही दे चुकी क्लीनचिट

मोदी सरकार के कार्यकाल में साल 2017 में संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमिटी (PAC) ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट दी थी, जिसमें कहा गया कि खेलों की तैयारी में उनके कार्यालय की कोई गलती नहीं थी। PAC चेयरमैन केवी थॉमस ने तब स्पष्ट किया कि सिंह की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। शीला दीक्षित के मामले में भी जांच हुई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दीक्षित, जो 2019 में दिवंगत हो चुकी हैं, दिल्ली की विकास परियोजनाओं के लिए जानी जाती थीं, लेकिन CWG के दौरान स्टेडियम और इंफ्रास्ट्रक्चर अनुबंधों में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। उनमें आज अदालत ने राहत दे दी है।

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