आवास विकास परिषद ने बढ़ाया कार्रवाई का दायरा, लोगों ने दुकानों के आगे खड़ी की दीवार, अब मकान बचाने की जद्देजहद
मेरठ। शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को कोई राह नहीं सूझ रही है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि जाए तो जाएं कहां। आवास विकास परिषद के अफसरों द्वारा क्रॉस के लाल निशानों से व्यापारी दहशत में हैं। पहले आरटीओ रोड पर लाल निशान लगाए गए। फिर सेंट्रल मार्केट में लाल निशान लगाए गए और अब शास्त्रीनगर सेक्टर दो के भवनों पर क्रॉस के लाल निशान लगा दिए गए हैं। यहां रहने वाले उस घड़ी को कोस रहे हैं जब उन्होंने यहां मकान लिए था।
दशहत का साया
आवास विकास परिषद की कार्रवाई से डरे शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के व्यापारी पूरी तरह से दहशत में नजर आते हैं। शास्त्री नगर सेक्टर दो में भी आवास विकास परिषद ने तमाम दुकानों व मकानों पर क्रॉस के लाल निशान लगा दिए हैं। इसके बाद कई व्यापारियों ने आज अपनी दुकानों के आगे दीवार खड़ी कर ली हैं। उनका कहना है कि होली जैसा त्यौहार चार पैसे कमाने का होता है, लेकिन आवास विकास परिषद की कार्रवाई के खौफ के चलते धंधा करना तो दूर की बात रही उन्हें अब अपना दुकान मकान तक बचाना भारी पड़ रहा है। जिन लोगोंं ने अपने मकानों को दुकान में तब्दील कर दिया था उनका कहना है कि क्रॉस के निशान लगाए जाने के बाद अब उनका मकान भी खतरे की जद में आ गया है, जब मकान ही नहीं बचेगा तो दुकान कहां से बचेगी। अब तो बड़ा सवाल सिर छिपाने का आसरा मकान बचाने का है। अभी तो जो हालात हैं उसके चलते मकान के बड़े हिस्से पर संकट मंडरा रहा है।
सेंट्रल मार्केट में भी व्यापारी हटा रहे सामान
सेंट्रल मार्केट में कई ऐसे व्यापारी जो अब तक खुद नेता बने हुए थे और सुप्रीमकोर्ट के आदेश आने के बाद भी व्यापारियों को भाजपा नेताओं से मदद दिलाने की बात कर रहे थे अब ऐसे कई नेताओं ने भी अपनी दुकान का फ्रंट हलका करना शुरू कर दिया है। दरअसल उन्हें समझ में आ गया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से अब नहीं बचा जा सकता है। यह बात लगभग सभी की समझ में आ गयी है।
क्रॉस के निशान के बाद ये होगा
वहीं दूसरी ओर आवास विकास परिषद के द्वारा लगवाए गए क्रॉस के लाल निशानों के बाद जो आफत आने वाली है उसमें २५, ३५ व ४२ मीटर के मकानों को नाली के पीछे और मकान के आगे एक मीटर का फ्रंट छोड़ना है। यानि उनके मकान का बड़ा हिस्सा ध्वस्तीकरण की जद में। जो मकान सौ गज या मीटर में बने हैं उन्हें नाली से पीछे और अपने मकान के आगे करीब डेढ़ मीटर का फ्रंट छोड़ना है। सबसे ज्यादा मुसीबत तो तीन सौ या उससे ज्यादा मीटर व गज वाले मकानों की है। उन पर मंडरा रहे खतरे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नाली से पीछे और मकान के आगे यानि फ्रंट तीन मीटर तक छोड़ना है। इसके चलते उनकी एक कमरे की जगह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की चपेट में आ रही है।
एसएसपी को ज्ञापन
एविडेंस गुरूकुल फाउंडेशन की ओर से आज एसएसपी को एक ज्ञापन दिया गया। इस ज्ञापन में एसएसपी से आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना व आवास विकास अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे की मांग की गयी है। इन पर सुप्रीमकोर्ट को मिथ्या जानकारी देने का आरोप लगाया है। ज्ञापन देने वालों में विजय राघव आदि भी शामिल रहे।