घोटाले में कार्रवाई नहीं

kabir Sharma
4 Min Read
WhatsApp Channel Join Now


प्रमुख सचिव खाद्य ने दिए थे फूड अफसरों के खिलाफ एफआईआर के आदेश, छह साल बाद भी राशन घोटाले में डीएसओ अफसरों पर कार्रवाई नही

लखनऊ। साल 2018 में प्रदेश के 43 जनपदों जिनमें मेरठ टॉप 10 में शामिल था, में अंजाम दिए गए राशन घोटाले में तत्कालीन प्रमुख सचिव खाद्य ने जिन खाद्यान अफसरों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे, पांच साल बाद भी उन अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका। एफआईआर दर्ज करने के आदेश डीएम को दिए गए थे, यह बात अलग है कि प्रमुख सचिव खाद्य के आदेश डंप कर दिए गए। वहीं दूसरी ओर इस मामले में 102 राशन डीलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई थी। ये सभी राशन डीलर हाईकोर्ट से जमानत पर हैं। इतने बडेÞ राशन घोटाले में जांच ऐजेंसियों केवल इतना किया कि डीएसओ के तत्कालीन प्राइवेट आॅपरेटर को गिरफ्तार कर जेल भेजा, वो भी बाद में जमानत पर बाहर आ गया। प्राइवेट आॅपरेटर के अलावा शास्त्री नगर के एक राशन डीलर को भी जेल भेजा गया। राशन घोटाले में शास्त्रीनगर के राशन डीलर की यह पहली गिरफ्तारी थी। उसको जेल भेजने के बाद जांच ऐजेंसियों ने जेल भेजने का डर दिखाकर बाकि के राशन डीलरों से केवल सेटिंग गेटिंग का काम किया। बताया जाता है कि घोटाले में लिप्त जिस भी राशन डीलर की सस्ते गल्ले की दुकान पर जांच ऐजेंसियां पहुंची, वहां जांच के नाम पर किसी की भी गिरफतारी के बजाए केवल सेटिंग-गेटिंग की गयी और डीलर को हाईकोर्ट से स्टे का वक्त दिया गया, नतीजा यह हुआ कि तमाम डीलर जो राशन घोटाले में फंसे थे वो स्टे ले आए। कार्रवाई की जिम्मेदारी जिन ऐजेंसियों को दी गयी थी, उन्होंने पूरी जांच को ही मजाक बनाकर रख दिया।
फूड सेल की जांच में अफसर कठघरे में
शासन ने मामले की जांच फूड सेल को सौंपी। फूड सेल ने जो जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी उस जांच रिपोर्ट में तमाम खाद्य अफसरों को कसूरबार माना। डीएसओ के तमाम अफसरों को कठघरे में ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। फूड सेल के तत्कालीन जांच अधिकारी सतीश सिन्हा ने जो जांच रिपोर्ट खाद्य आयुक्त को भेजी, उस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मनीष चौहान ने 9 सितंबर 2020 को डीएम मेरठ को फूड सेल की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए डीएसओ आफिस के प्राइवेट आपरेटर शाहनवाज, सप्लाई इंस्पेक्टर अजय, डीएसओ विकास गौतम जिन्हें शासन ने राशन घोटाले में निलंबित भी किया उनके खिलाफ धारा 120-बी, 420, 467, आईपीसी व धारा 13 (1) डी भ्रष्टाचार विरोधी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने को कहा। राशन घोटाले में शाहनवाज व शास्त्रीनगर के राशन डीलर को तो जेल भेजा गया, लेकिन किसी अन्य राशन डीलर या डीएसओ कार्यालय के अफसर को जेल नहीं भेजा गया। इसके अलावा इस मामले में कार्रवाई भी वहीं अटकी है।

WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *