भले ही बिजली मिले ना मिले, लेकिन पहली अगस्त से बिजली का झटका लगना तय है, प्रदेश भर में 22.63 करोड़ की वसूली टारगेट
मेरठ। भले ही पूरे-पूरे दिन बिजली ना आए। बिजली के कट से परेशान होकर आप एसडीओ और जेई को कॉल करें वो कॉल रिसीव ही ना करें। लाइनमैन नशे में धुत्त होकर गाली गलौच करें। भले ही आपका इन्वर्टर बोल जाए यह बादस्तूर चलता रहेगा। इससे निजात की उम्मीद बिलकुल भी नहीं रखना क्योंकि केवल बिल बढ़कर आएगा, उससे सप्लाई में कोई सुधार हो जाएगा, यह सोच रहे हैं तो आपकी भूल है। बिजली के नखरे पहले से ज्यादा तो हो सकते हैं, लेकिन कम होने की उम्मीद कतई ना करें। बिजली की मुसीबत झेल रहे मेरठ समेत पीवीवीएनएल ही नहीं प्रदेश भर के उपभोक्ताओं को बिजली एक ओर झटका देने जा रही है। कल ( आज से ) बिजली के जो बिल आएंगे यानि अगस्त माह में जो बिल आएंगे, उनसे आपकी जेब पर भार पड़ेगा। हालांकि पीवीवीएनएल अधिकारियों की ओर से सफाई दी जा रही है कि ईधन महंगा हो गया है, इसलिए यह भार उपभोक्ताओं को उठाना होगा, लेकिन बिजली सप्लाई में सुधार के सवाल पर उनका कहना है कि जो चीज एक बार बेपटरी हो जाती है, वो रातों रात को ठीक होने से रही। यूपीपीसीएल बिजली की दरें तो बढ़ा सकती है, लेकिन सप्लाई सुधारने के सवाल पर चुप्पी साध ली जाती है। भले ही कंज्यूमर की बिजली के बगैर जान ही क्यों ना निकल जाए। इस बीच जानकारी मिली है कि अगस्त के महीने में ईंधन अधिगम शुल्क के रूप में बिजली बिलों में 0.24 फीसदी की वृद्धि होगी। जुलाई में उपभोक्ताओं के बिजली बिल में ईंधन अधिभर शुल्क 1.97 फीसदी आया था। अब मई 2025 का ईंधन अधिभार शुल्क अगस्त में वसूला जाना है। वह 0.24 फीसदी है। प्रदेश के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में मामूली सी वृद्धि देखने को मिलेगी। इस वृद्धि से अगस्त महीने में कुल लगभग 22.63 करोड़ की वसूली करेगा। आगे के महीना में कमी होने का संकेत है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा हर महीने ईंधन अधिभार शुल्क की वसूली का आदेश केंद्र सरकार द्वारा नियम बनाकर राज्यों को लागू करने का निर्देश दिया गया था।
==तैयार रहे बिजली के बिलों में महंगाई के झटके को==